
कोलकाता : बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संचालित १० विद्यालयों को बंद करने से जुडे डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर (डीआइ) के नोटिस को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है । उल्लेखनीय है कि उत्तर दिनाजपुर के डीआइ ने क्षेत्र में आरएसएस संचालित १० विद्यालयों पर प्राथमिक शिक्षा परिषद से बगैर अनुमति के संचालित करने और सुविधाओं के अभाव का हवाला देते हुए वर्ष २०१७ के मार्च माह में विद्यालयों को बंद करने से संबद्ध नोटिस जारी किया था ।
इस मामले में विद्यालय कमेटी के वकील लोकनाथ चट्टोपाध्याय ने बताया कि विधानसभा में शिक्षामंत्री द्वारा इस मामले में सवाल उठाने के बाद ही डीआइ ने उक्त नोटिस भेजा था । कहा कि उक्त विद्यालय शारदा सेवा ट्रस्ट के तहत बीते १० वर्षों से चल रहे हैं । इन विद्यालयों में सुविधाओं की कमी का सवाल ही नहीं है । इन विद्यालयों में क्षेत्र के गरीब परिवारों के सैकड़ों बच्चे पढ़ते हैं ।
इस बाबत डीआइ के फरमान के विरुध्द १० विद्यालय संयुक्त रूप से १० अप्रैल, २०१७ को उच्च न्यायालय पहुंचे । १२ मई को न्यायाधीश आरीजी बंद्योपाध्याय ने डीआइ के नोटिस पर स्थगनादेश जारी कर दिया । इसके बाद यह मामला न्यायाधीश समाप्ति चट्टोपाध्याय के बेंच को स्थानांतरित हो गया । १४ दिसंबर को मामले की सुनवाई के दौरान एडिशनल सोलिसिटर जनरल कौशिक चंद्र ने कहा कि शिक्षा मौलिक अधिकार है । इसे छीना नहीं जा सकता । मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने आदेश को सुरक्षित रख दिया ।
शुक्रवार को मामले में फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने उत्तर दिनाजपुर के डीआइ के नोटिस को रद करते हुए आरएसएस द्वारा संचालित विद्यालयों को चालू रखने का निर्देश दिया । उन्होंने साफ कहा कि आरएसएस द्वारा संचालित विद्यालयों को बंद नहीं किया जाएगा । मामले में डीआइ द्वारा जारी इस नोटिस पर न्यायालय ने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि विद्यालयों को बंद करने का अधिकार डीआइ के पास नहीं है । कहा, राज्य स्तरीय कमेटी के पास इस मामले में नोटिस जारी करने का अधिकार है ।
स्त्रोत : जागरण








