समर्थ रामदास स्वामींनी ११ ठिकाणी स्थापन केलेल्या मारुतींना विशेष महत्त्व आहे. हे सर्व मारुती कृष्णानदीच्या तीरावर आहेत.
समर्थांनी स्थापन केलेले अकरा मारुती सूची
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स्थान |
संख्या |
स्थापना |
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१. शहापूर |
१ |
शके १५६७ (इ. स. १६४५) |
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२. मसूर |
१ |
शके १५६७ (इ. स. १६४५) |
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३. चाफळ |
२ |
१५७० (इ.स. १६४८) |
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४.शिंगणवाडी |
१ |
शके १५७१ (इ. स. १६४९) |
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५. उंब्रज |
१ |
शके १५७१ (इ. स. १६४९) |
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६. माजगाव |
१ |
१५७१ (इ. स. १६४९) |
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७. बहे बोरगाव |
१ |
शके १५७३ (इ. स. १६५१) |
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८. मनपाडळे |
१ |
शके १५७४ (इ. स. १६५२) |
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९. पारगाव |
१ |
शके १५७३ (इ. स. १६५१) |
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१०. शिराळे |
१ |
शके १५७४ (इ. स. १६५२) |
ही सर्व मारुती मंदिरे सातारा सांगली व कोल्हापूर या जिल्ह्यांच्या परिसरात आहेत.
१. श्रीक्षेत्र शहापूर
२. श्रीक्षेत्र मसूर
३. चाफळचे दोन मारुती
४. श्रीक्षेत्र शिंगणवाडी
५. श्रीक्षेत्र उंब्रज
६. श्रीक्षेत्र माजगाव