अंधेरी (मुंबई) में ईद की शोभायात्रा में ‘मस्जिद वहीं बनाएंगे’ के नारे, ‘फिलिस्तीन’ के झंडे भी लहराए गए
पुलिस ने हनुमान मंदिर को कपडे से ढका

मुंबई – अंधेरी (पश्चिम) में २६ अगस्त के दिन ‘ईद-ए-मिलाद’ के अवसर पर धर्मांधों द्वारा निकाले गए जुलूस के समय मार्ग के किनारे स्थित हनुमान मंदिर को पुलिस द्वारा वस्त्र बांधकर पूर्णतः ढक दिया गया । अंबोली पुलिस थाना के अंतर्गत यह क्षेत्र आता है । जुलूस समाप्त होने के पश्चात मंदिर के ऊपर से वस्त्र हटाया गया ।

इस जुलूस में ‘मस्जिद वहीं बनाएंगे’ जैसे नारे लगाए गए, साथ ही भारत के मानचित्र के मध्य में मस्जिद होने के चित्र प्रदर्शित किए गए । जुलूस में ‘फिलिस्तीन’ के झंडे भी लहराए गए । पुलिस का दुर्बल दृष्टिकोण एवं उपद्रवियों की उद्दंडता के विषय में हिन्दुओं में अत्यंत रोष की भावना है । उद्धव बालासाहेब ठाकरे दल के विधायक हारून खान के नेतृत्व में यह जुलूस निकाला गया था ।
बेंगलुरु में ईद की शोभायात्रा में धर्मांधों द्वारा ‘सर तन से जुदा पुनीत केरेहळ्ळी’ और ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे
एक हिंदुत्वनिष्ठ पर लोहे की छड से हमला

बेंगलुरु (कर्नाटक) – बसवनगुड़ी के एन.आर. मार्ग पर हिंदुत्वनिष्ठ नेता पुनीत केरेहळ्ळी के ‘राष्ट्र रक्षणा पडे’ (राष्ट्र रक्षण दल) का कार्यालय है। वहां पुनीत केरेहळ्ळी सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे। इसी दौरान ईद की शोभायात्रा के लिए आए धर्मांधों के एक समूह ने केरेहळ्ळी के कार्यालय के सामने पहुंचकर ‘सर तन से जुदा पुनीत केरेहळ्ळी’ के नारे लगाने शुरू किए।
“Tan Se Juda” extremists attacked Hindu activist Punit Kerehalli.
Such radical violence cannot be tolerated. Arrest the attackers and ensure strict action under the law.@BlrCityPolice @CPBlr @DgpKarnataka https://t.co/vt50i1rQM8 pic.twitter.com/FOCXv1wdF8
— 🚩Mohan Gowda🇮🇳 (@Mohan_HJS) August 26, 2026
इस दौरान कार्यालय से बाहर आए पुनीत केरेहळ्ळी, कार्यकर्ता मुरली और अन्य लोगों ने कथित रूप से धर्मांधों द्वारा लगाए जा रहे ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ और ‘अल्लाहू अकबर’ के नारों के जवाब में ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए। इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हुआ। इसी दौरान एक धर्मांध व्यक्ति ने लोहे की छड से मुरली के सिर पर वार किया, जिससे वे घायल हो गए, ऐसा संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है।
कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पुनीत केरेहळ्ळी के कार्यालय पर जानबूझकर हमला किया गया। इस मामले में बसवनगुड़ी पुलिस थाने में दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर 3 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने कुल 8 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुनीत केरेहळ्ळी के समर्थकों के विरुद्ध मुस्लिम नेता अब्दुल रजाक द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर भी कार्रवाई की गई है।
धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य पैदा करने के आरोप में पुनीत केरेहळ्ळी, गोपी गौड़ा, पुनीत गौड़ा, विनोद नटराज और अन्य के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। वहीं, हत्या के प्रयास और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कमल पाशा, अबूबकर सिद्दीक और सैयद अनस—इन 3 लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में तीनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है तथा 3 नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है।
1. इस हमले के विरोध में पुनीत केरेहळ्ळी और उनके समर्थक सड़क के बीचोंबीच धरने पर बैठ गए। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुनीत सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
2. ‘धर्मांधों द्वारा हमला किए जाने के बाद केवल 2 पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। हिंदुओं के गणेशोत्सव के दौरान 200 से 300 पुलिसकर्मी तैनात किए जाते हैं; लेकिन पुनीत केरेहळ्ळी का कार्यालय इसी मार्ग पर होने के बावजूद उनकी सुरक्षा के लिए एक भी पुलिसकर्मी वहां मौजूद नहीं था’, ऐसा आरोप ‘राष्ट्ररक्षण सेना’ के एक कार्यकर्ता ने लगाया।
3. यह भी आरोप लगाया गया कि ‘जब पुनीत केरेहळ्ळी को पुलिस वाहन से ले जाया जा रहा था, तब धर्मांधों की भीड़ वाहन के पीछे दौड़ रही थी और हमला करने का प्रयास कर रही थी।’
4. इस मामले के संबंध में मीडिया से बात करते हुए पुलिस उपायुक्त वंशीकृष्ण ने कहा कि विवाद आखिर किस कारण से हुआ, इसकी जांच के लिए घटनास्थल के सामने और आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए जा रहे हैं।
भांडुप में ईद के अवसर पर लगाए गए क्रूरकर्मी टीपू सुल्तान के चित्र!

मुंबई – भांडुप के जमीलनगर में ईद के अवसर पर सड़क पर धर्मांधों द्वारा हरे रंग के झंडे लगाए गए हैं। इन झंडों के साथ हजारों हिंदुओं का कत्लेआम करने वाले और तलवार के बल पर हिंदुओं का धर्मांतरण करने वाले क्रूरकर्मी टीपू सुल्तान के चित्र भी लगाए गए हैं।
जमीलनगर क्षेत्र में जगह-जगह इस प्रकार टीपू सुल्तान के चित्र लगाए गए हैं।
अन्य समय धर्मनिरपेक्षता का ढिंढोरा पीटने वाले धर्मनिरपेक्षतावादी, साम्यवादी, पुरोगामी ऐसी घटनाओं के विषय में मौन साधे रहते हैं, इस बात का ध्यान रखें ! – सम्पादक, हिन्दुजागृति








