करणी सेना की प्रशासन को लिखित शिकायत

मडगांव – सांकवाळ स्थित ‘फ्रंटिस पीस ऑफ सांकवाळ’ (पुरातत्व विभाग के अंतर्गत संरक्षित प्राचीन अवशेष) के 100 मीटर प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रूप से मंडप निर्माण तथा अनुमति के बिना धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किए जाने के मामले में करणी सेना, गोवा संगठन के उपाध्यक्ष श्री कालिदास प्रकाश वायंगणकर ने प्रशासन को विस्तृत लिखित शिकायत सौंपी है।
यह शिकायत मुरगांव के उपजिलाधिकारी, वेर्णा पुलिस निरीक्षक, दक्षिण गोवा के पुलिस अधीक्षक (यातायात), अग्निशमन सेवा संचालक, विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता, तथा पुलिस महानिदेशक को दी गई है।
30 दिसंबर 2025 को अवैध मंडप व आयोजन का आरोप
शिकायत के अनुसार, अवर लेडी ऑफ हेल्थ चर्च, शिंदोळी के पॅरिश प्रिस्ट फादर केनेथ टेलिस ने 30 दिसंबर 2025 को सांकवाळ गांव के सर्वे नं. 266/2 के अंतर्गत आने वाले संरक्षित अवशेष के 100 मीटर प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रूप से मंडप खड़ा कर कार्यक्रमों का आयोजन किया। साथ ही, आरोप लगाया गया है कि पुरातत्व विभाग से किसी प्रकार की अनुमति लिए बिना ये कार्यक्रम आयोजित किए गए।
100 मीटर क्षेत्र में मंडप/उत्सव पर स्पष्ट मनाही
शिकायत में पुरातत्व विभाग की धारिका क्रमांक 1(70)/Perm/2023-24 के अंतर्गत 12 नवंबर 2024 को की गई नोंद का हवाला देकर कहा गया है कि, संरक्षित अवशेष के 100 मीटर क्षेत्र में किसी भी प्रकार का मंडप या उत्सव मनाने पर स्पष्ट प्रतिबंध है।
यह भी बताया गया है कि, इस विषय में पहले भी 12 सितंबर 2024 और 23 जुलाई 2025 को संबंधित अधिकारियों के साथ पत्रव्यवहार किया गया था, जिसमें इन उल्लंघनों का उल्लेख किया गया था।
सुविधाएं न देने और केस दर्ज करने की मांग
इस पृष्ठभूमि में करणी सेना ने मांग की है कि,
- फ्रंटिस पीस, सांकवाळ में किसी भी प्रकार के उत्सव/कार्यक्रम की अनुमति न दी जाए
- ध्वनीवर्धक, पुलिस बंदोबस्त, यातायात व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, अग्निशमन, तथा एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध न कराई जाए
- फादर केनेथ टेलिस सहित अन्य आयोजकों के खिलाफ कानूनी अपराध दर्ज किए जाएं।
1 जनवरी
शंखवाळ (सांकवाळ) के विरासत स्थल पर फिर अवैध निर्माण : शासन निष्क्रिय !
पुरातन श्री विजयादुर्गादेवी मंदिर की भूमि हड़पने का चर्च संस्था का प्रयास जारी !

शंखवाळ – शंखवाळ (सांकवाळ) में जिस स्थान पर पूर्व में प्राचीन श्री विजयादुर्गादेवी मंदिर स्थित था, वहां आज भी उसका प्रवेशद्वार मौजूद है, जिसे ‘फ्रंटीस पीस ऑफ सांकवाळ’ कहा जाता है। पुरातत्व विभाग ने वर्ष 1983 में इस स्थान को ‘विरासत स्थल’ घोषित किया था।
इसके बावजूद चर्च संस्था द्वारा वर्ष 2018 से इस स्थल पर सेंट जोसेफ वाझ की ‘फेस्ता’ (जत्रा) का आयोजन अवैध रूप से किया जा रहा है। इस वर्ष 7 से 16 जनवरी 2026 के बीच यहां फिर से ‘फेस्ता’ आयोजित हो रही है और उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए विरासत स्थल से 100 मीटर के भीतर मंडप (पंडाल) खड़ा किया जा रहा है।
नियमों के अनुसार विरासत स्थल के 100 मीटर परिधि में किसी भी प्रकार की खुदाई, निर्माण आदि प्रतिबंधित है। फिर भी शासन की अनुमति के बिना यहां पुनः अवैध निर्माण किया जा रहा है।
विरासत स्थल पर अवैध निर्माणों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं
विरासत स्थल पर अब भी अवैध गोदाम, 7 अनधिकृत ‘क्रॉस’, खंभे, पानी की टंकी जैसे अवैध निर्माण मौजूद हैं।
इन अवैध निर्माणों के संबंध में दक्षिण गोवा जिलाधिकारी ने 23 जुलाई 2025 को पुरातत्व विभाग को पत्र भेजकर विस्तृत जानकारी दी थी और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे।
यह जानकारी 1 जुलाई 2025 को हुए संयुक्त सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर दी गई थी। यह संयुक्त सर्वेक्षण मुरगांव तालुका मामलेदार, सांकवाळ पंचायत के तलाठी तथा पुरातत्व विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया था।
फिर भी पत्र भेजे जाने के 5 महीने बाद तक इन अवैध निर्माणों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।








