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चटगांव (बांग्लादेश) में मिला 2 लाख हिन्दुओं को मारने की धमकी वाला पोस्टर

बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले चुनावों से पूर्व नरसंहार का भय !

  • वर्ष १९७१ के दौरान बांग्लादेश में ३० लाख लोगों की हत्या की गई थी एवं लाखों महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया था । इनमें बहुसंख्यक हिन्दू थे । इसलिए २ लाख की संख्या उसकी तुलना में कम ही कही जाएगी ! दूसरी बात यह कि उस समय इतनी हत्याओं के उपरांत भारत ने सैनिकी (सैन्य) कार्रवाई की थी । अब भी वैसा हो, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए !
  • बांग्लादेश में हिन्दुओं का निरंतर नरसंहार होने के कारण ही वर्ष १९७१ में १५ प्रतिशत रहने वाले हिन्दू आज केवल ८ प्रतिशत रह गए हैं । वे भी आने वाले समय में शेष नहीं रहेंगे । विश्व भर के हिन्दुओं के निष्क्रिय रहने के कारण यही कडवी वास्तविकता है ! – सम्पादक, हिन्दुजागृति

ढाका (बांग्लादेश) – बांग्लादेश में पिछले वर्ष शेख हसीना सरकार के पतन के पश्चात हिन्दुओं पर आक्रमण निरंतर जारी हैं । कुछ समय के लिए हिंसा में कमी आई थी; परंतु भारत विरोधी नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के उपरांत पुनः हिन्दुओं को लक्ष्य (निशाना) बनाया जा रहा है । इस घटना के उपरांत देश के हिन्दू निरंतर भय के साये में जी रहे हैं ।

पैगंबर के अपमान का झूठा आरोप लगाकर दीपू चंद्र दास की भीड द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई एवं उनके शव को जला दिया गया । उसके पश्चात एक और हिन्दू की हत्या हुई । अब कुछ ऐसे पोस्टर सामने आए हैं, जिनमें हिन्दुओं की सामूहिक हत्या की योजना का उल्लेख है । चटगांव के राउजान उप-जिले में मिले एक पोस्टर पर हिन्दू एवं बौद्ध धर्म के २ लाख लोगों को मारने की धमकी दी गई है । ‘द संडे गार्डियन’ ने उस स्थान से नियंत्रित किए गए पोस्टर का चित्र प्रकाशित किया है, जहां हिन्दुओं के घर जलाए गए थे । उस्मान हादी की हत्या को भारत से संलग्न बताकर स्थानीय जिहादी उसका प्रतिशोध वहां के हिन्दू से ले रहे हैं ।

१. बांग्लादेश में अगले वर्ष फरवरी में चुनाव होने वाले हैं, जबकि अवामी लीग पार्टी को चुनाव लडने से प्रतिबंधित कर दिया गया है ।

२. कुछ दिन पूर्व राउजान में अनिल शील के घर को मुस्लिम भीड ने आग लगा दी । पूरे परिवार को घर के भीतर बंद कर जिंदा जलाने का प्रयास किया गया, परंतु परिवार ने किसी तरह अपनी जान बचाई ।

३. ‘सम्मिलिता सनातनी जागरण जोत’ के प्रतिनिधि कुशल बरुण चक्रवर्ती ने पीडित परिवारों से भेंट की, उसके उपरांत बताया कि क्षेत्र के कई हिन्दुओं के घरों को इसी तरह जलाया गया है ।

४. पुलिस द्वारा नियंत्रित किए गए पोस्टर पर १३ दिसंबर की तिथि लिखी थी । उसमें लिखा था कि उस दिन राउजान के हिन्दू एवं बौद्ध समुदाय के २ लाख लोगों को मार दिया जाएगा ।

५. पोस्टर में यह भी लिखा था कि ‘इन समुदायों का यहां नामो-निशान नहीं रहेगा’ । पोस्टर मिलने के उपरांत भी सुरक्षा के कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं ।

हिन्दुओं की सुरक्षा कौन करेगा ?

जमात-ए-इस्लामी ने सत्ता में आने पर देश को ‘इस्लामी गणराज्य’ बनाने की घोषणा की है । बांग्लादेश नेशनल पार्टी (BNP), जमात-ए-इस्लामी एवं जातिया पार्टी को कट्टरपंथी विचारधारा वाला माना जाता है । लंदन से १७ वर्ष उपरांत लौटे बीएनपी नेता तारिक रहमान ने भी हिन्दुओं पर हो रही हिंसा पर चुप्पी साध रखी है, जिससे स्पष्ट है कि वे कट्टरपंथी गुटों को अप्रसन्न नहीं करना चाहते । ऐसी स्थिति में वहां के हिन्दुओं की सुरक्षा एक बडा यक्ष प्रश्न बन गई है ।

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