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एनसीईआरटी की पुस्तकों में अब छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास २१ पन्नों में होगा – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

स्वतंत्रता के बाद इतिहास का पुनर्लेखन न हो पाने पर देवेंद्र फडणवीस की चिंता

पुणे – स्वतंत्रता के बाद भारत के इतिहास का पुनर्लेखन कभी ठीक से नहीं हुआ, ऐसा मत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हमारे देश में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए, लेकिन उनका समुचित डॉक्युमेंटेशन नहीं किया गया। इसी कारण आज भी हमें अंग्रेज़ों द्वारा लिखा गया इतिहास पढ़ना पड़ता है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि, अब एन.सी.ई.आर.टी. (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) की पुस्तकों में छत्रपति शिवाजी महाराज पर 21 पन्नों का विस्तृत इतिहास शामिल किया गया है, जबकि मुग़लों का इतिहास केवल एक पन्ने तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न ऐतिहासिक दस्तावेज़ों और प्रमाणों के माध्यम से हम विश्व के इतिहास को नई दृष्टि से प्रस्तुत करने का कार्य कर रहे हैं।

वे पुणे पुस्तक महोत्सव के अंतर्गत आयोजित ‘युवा भारत के लोकसहभाग की गिनीज़गाथा’ पुस्तक के प्रकाशन समारोह में बोल रहे थे।

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