१. रत्नदुर्ग
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रत्नदुर्ग पर स्वच्छता, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के साथ प्रेरणात्मक अभियान सम्पन्न
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80 युवाओं की सहभागिता
हिंदू राष्ट्र की स्थापना के कार्य में युवाओं को छत्रपति शिवाजी महाराज के मावलियों की तरह सहभागी होना चाहिए! – गोविंद भारद्वाज, हिंदू जनजागृति समिति

रत्नागिरी – कालमाहात्म्य के अनुसार हिंदू राष्ट्र की स्थापना होना निश्चित है, ऐसा संत कहते रहे हैं; लेकिन यदि इस कार्य में धर्मप्रेमी युवा छत्रपति शिवाजी महाराज के मावलियों की भांति साधना के रूप में सहभागी हों, तो उनका जीवन सार्थक होगा और हिंदू राष्ट्र स्थापना के कार्य में योगदान देने का आनंद भी उन्हें प्राप्त होगा। ऐसा मार्गदर्शन हिंदू जनजागृति समिति के श्री गोविंद भारद्वाज ने किया।

‘एक दिन छत्रपति शिवाजी के सान्निध्य में’ इस अभियान को रत्नागिरी, लांजा, राजापूर और देवरुख के युवाओं ने उत्साहपूर्ण प्रतिसाद दिया। यह अभियान 23 नवंबर की सुबह 9 बजे रत्नदुर्ग किले पर आरंभ हुआ। इस अभियान में कुल 80 धर्मप्रेमी शामिल हुए।

रत्नदुर्ग के महाद्वार के पास स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन और नामजप करके अभियान की शुरुआत की गई। इसके बाद किले की स्वच्छता की गई तथा सभी प्रतिभागियों ने किले का भ्रमण किया।

शौर्य प्रशिक्षण के पश्चात राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए हम कौन से प्रयास कर सकते हैं, तथा उन पर होने वाले आघात और उनसे निपटने की उपाययोजनाओं पर श्री गोविंद भारद्वाज ने उपस्थित धर्मप्रेमियों को मार्गदर्शन दिया।

विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं की सहभागिता
इस अभियान में स्वसंरक्षण प्रशिक्षण वर्ग के युवा, समिति के कार्यकर्ता, गढ़-किले संवर्धन प्रतिष्ठान (रत्नागिरी विभाग) के संपर्क प्रमुख तन्मय जाधव, शिवनिष्ठा प्रतिष्ठान (कोल्हापुर विभाग) के कार्यकर्ता—पाचल के श्री प्रभाकर सुतार और पन्हाळा तालुका के पणुत्रे के श्री सतीश कुंभोजकर भी शामिल हुए।
२. गोविंदगड (गोवळकोट)













