गुजरात में बंदी बनाए गए ३ जिहादी आतंकवादियों द्वारा दी गई जानकारी

कर्णावती (गुजरात) – गुजरात आतंकवाद निरोधक दल द्वारा बंदी बनाए गए तीन जिहादी आतंकवादियों डॉ. मोहिउद्दीन, सोहेल एवं आजाद सैफी ने पूछताछ के समय स्वीकार किया कि वे नई देहली (दिल्ली), लक्ष्मणपुरी (लखनऊ) एवं कर्णावती (अहमदाबाद) के प्रमुख मंदिरों में प्रसाद के माध्यम से श्रद्धालुओं को लक्ष्य बनाने की एक भीषण योजना बना रहे थे । वे प्रसाद में अत्यधिक घातक विष ‘रिसिन’ मिलाकर बडी संख्या में लोगों की हत्या करने की योजना बना रहे थे । दल को संदेह है कि इन तीनों सहित और भी अनेक लोग इस षड्यंत्र में सहायक हो सकते हैं ।
The Gujarat ATS has busted a terror module, arresting three individuals with a cache of arms and ammunition. My compliments to ATS which has once again exhibited its capabilities for painstaking intelligence collection and smooth operations. @GujaratPolice remains steadfast.… pic.twitter.com/Fp6pU9VypL
— DGP Gujarat (@dgpgujarat) November 9, 2025
‘रिसिन’ विष एवं ऑनलाइन प्रशिक्षण
दल के अनुसार, ये तीनों अफगानिस्तान में अपने सरगना ‘अबू खदीजा’ के सीधे संपर्क में थे । उसने उन्हें भ्रमण भाष पर ‘रिसिन’ बनाने की पूरी विधि बताई थी एवं लक्ष्मणपुरी स्थित हनुमान सेतु मंदिर, कर्णावती स्थित जगन्नाथ मंदिर एवं दिल्ली के प्रमुख मंदिरों के चित्र एवं लघु चलचित्र भी निरीक्षण के लिए भेजे थे ।
‘जैविक शस्त्र के रूप में उपयोग
‘रिसिन’ अरंडी के बीजों से बनने वाला एक भीषण प्राण घातक पदार्थ है । विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी १ मिलीग्राम मात्रा भी मनुष्य के प्राण लेने के लिए पर्याप्त है । बंदी बनाते समय उनके पास से रिसिन का एक भंडार भी मिला था । पुलिस इसे ‘जैविक शस्त्र के रूप में देख रही है । इस नमूने को जांच के लिए फोरेंसिक प्रयोगशाला भेज दिया गया है ।
प्रसाद में विष मिलाने का प्रशिक्षण
आतंकवादियों ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से प्रसाद में ‘रिसिन’ इस तरह मिलाना सिखाया गया था, जिससे उसकी पहचान करना संभव न हो । उनके सरगना ने उन्हें धार्मिक स्थलों पर आक्रमण करके समाज में भय निर्माण करने एवं समाज को विभाजित करने का आदेश दिया था ।
उत्तर प्रदेश तक विस्तारित किया जाल
आतंकवाद निरोधी दल की जांच के अनुसार, यह आक्रमण किसी बडे उत्सव या मेले के समय घटित करने की योजना थी । डॉ. मोहिउद्दीन अपने रासायनिक ज्ञान के कारण ‘रिसिन’ को तैयार करने की प्रक्रिया में मुख्य सरगना था । सोहेल एवं आजाद का संबंध मुजफ्फरनगर के एक मदरसे से था एवं ये खुरासान समूह से जुडे थे । वर्तमान में, उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दल गुजरात में है तथा सोहेल एवं आजाद के कपट जाल की जांच कर रहा है ।
स्रोत : हिन्दी सनातन प्रभात








