
ढाका (बांग्लादेश) : बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कार्यकाल में हिन्दुओं पर हुई घटनाओं के समाचार प्रसारित करने वाली महिला पत्रकार त्रिना रॉय चौधरी को धर्मांध मुसलमानों द्वारा सामूहिक बलात्कार की धमकियां दी जा रही हैं। इससे पहले, उनके पत्रकार पति प्रोमिथियास चौधरी पर भी आक्रमण किया गया है । इस घटना के पश्चात, बांग्लादेश के विभिन्न स्थानों पर पत्रकारों ने प्रदर्शन किए हैं तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है; परंतु पुलिस अब भी निष्क्रिय है ।
१. प्रोमिथियास चौधरी तथा उनकी पत्नी त्रिना रॉय चौधरी दोनों ‘द न्यूज डॉट कॉम’ नामक एक समाचार वेबसाइट चलाते हैं । प्रोमिथियास संपादक एवं प्रकाशक हैं, जबकि त्रिना मुख्य संवाददाता हैं । दोनों ढाका शहर से लगभग १५० किलोमीटर दूर बेरीसाल जिले के वेस्ट गोईल गांव में रहते हैं । उन्होंने ‘आनंदलोक’ नामक एक आश्रम भी बनाया है, जिसके माध्यम से वे क्षेत्र के हिन्दुओं की सहायता करते हैं ।
२. त्रिना रॉय ने बताया कि उनके क्षेत्र के कट्टरपंथियों से उनके अक्सर विवाद होते रहते हैं; परंतु २९ अक्टूबर को स्थिति सीधे मारपीट तथा बलात्कार की धमकियों तक पहुंच गई । उस दिन दोपहर में, उनके पति प्रोमिथियास को नाजिम मुल्ला ने अपनी दुकान पर बुलाया था । चूंकि दोनों साथ पढे थे, इसलिए उन्हें लगा कि सामान्य बातचीत होगी; परंतु जब वे दुकान पर पहुंचे, तो नाजिम एवं शाहीन के बीच पैसों को लेकर बहस चल रही थी । उस बहस में उनके पति को घसीटा गया । नाजिम एवं शाहीन दोनों उन पर चिल्लाने लगे, “तू हमारा उधार चुका, तू इस्कॉन का है ।” इसके पश्चात मारपीट की गई । जब उनके पति ने कहा, “मैं तुम्हारा दोस्त हूं,” तो उन दोनों ने धमकी दी, “तू काफिर हिन्दू है, दोस्त कैसे हो सकता है ? यह देश हमारा है, तुझे यहां दया से रहने दिया गया है । यहां से निकल जा ।” साथ ही धमकी दी, “तेरी पत्नी बहुत खतरनाक है । उसका मुसलमानों द्वारा सामूहिक बलात्कार करवाएंगे तथा तब उसे पता चलेगा कि हम कौन हैं ।”
पुलिस की ओर से भी अन्याय
त्रिना ने कहा कि २९ अक्टूबर को ही हमने पुलिस में परिवाद पंजीकृत कराया था; परंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है । उलटा हमें ही धमकाया जा रहा है । थाने का अधिकारी मुसलमान है, वह हम पर ही दबाव डाल रहा है । जब हमने परिवाद में ‘इस्कॉन’ का उल्लेख किया, तो उसने कहा, “यह लिखा तो दंगा हो जाएगा, इसलिए वह शब्द हटाओ ।” पुलिस ने धमकी देकर हमें चुप कराने का प्रयास किया कि, “हम तुम पर ही याचिका प्रविष्ट करेंगे तथा कहेंगे कि तुम मस्जिद तोडने के लिए लोगों को इकट्ठा कर रहे थे ।”
त्रिना ने कहा कि अब उनका बांग्लादेश में रहना संकटकारी हो गया है । पिछले कुछ महीनों में हिन्दू एवं अन्य अल्पसंख्यकों पर आक्रमण, बलात्कार तथा हत्याएं बढने के कारण बांग्लादेश में हिन्दू समाज की स्थिति दिन-प्रतिदिन और अधिक विकट होती जा रही है ।
स्रोत : हिंदी सनातन प्रभात








