समर्थभक्तों के संघटित प्रयासों का परिणाम

पुणे – यहां के सिंहगढ़ मार्ग पर स्थित अभिरुचि मॉल चलचित्रगृह में प्रदर्शित होने वाला ‘मनाचे श्लोक’ यह चलचित्र समर्थभक्तों के विरोध के पश्चात् बंद किया गया । समर्थभक्तों ने बताया कि इस चलचित्र में ‘विवाहबाह्य संबंध कैसे रखे जाएं ?’ इसका चित्रण किया गया है ; किन्तु उसे समर्थ रामदासस्वामी के ‘मनाचे श्लोक’ इस पवित्र ग्रंथ का नाम दिया गया है । यह हमारी श्रद्धा का अपमान है । इसलिए आरंभ से ही इस चलचित्र का हमने तीव्र विरोध किया था । इस पृष्ठभूमि पर समर्थभक्तों ने अभिरुचि मॉल में जाकर सीधे दर्शकों से संवाद किए । उन्होंने चलचित्र के कथानक की सूचना दी, जिसके उपरांत दर्शकों ने भी इस चलचित्र के विरोध में अपना समर्थन प्रकट किया । उसके बाद चलचित्रगृह में कोई भी दर्शक न होने से प्रशासन ने चलचित्र का प्रदर्शन रोक दिया । ‘हिन्दुओं की धार्मिक भावनाएं दुखाने वाला कोई भी चलचित्र हम चालू नहीं होने देंगे’, ऐसी चेतावनी समर्थभक्तों ने दी ।
संपादकीय भूमिका
यदि हिन्दू समाज संगठित रूप से खडा हुआ, तो कोई भी व्यक्ति हिन्दुओं के श्रद्धास्थानों का अपमान करने का साहस नहीं करेगा । इसलिए प्रत्येक हिन्दू को इस प्रकार के सांस्कृतिक आक्रमणों के विरुद्ध तात्कालिक एवं संगठित रूप से खडा होना, यह समय की आवश्यकता है ।
सन्दर्भ : सनातन प्रभात
‘मनाचे श्लोक’ फिल्म का श्री समर्थ सेवा मंडल, सज्जनगढ़ और समर्थ भक्तों द्वारा विरोध!
७ अक्टूबर २०२५
फिल्म का नाम तुरंत न बदलने पर जन-आंदोलन की चेतावनी
सातारा – ‘मनाचे श्लोक’ इस मराठी फिल्म का ट्रेलर (फिल्म का संक्षिप्त भाग दिखानेवाला विज्ञापन) हाल ही में प्रदर्शित हुआ है और यह १० अक्टूबर को प्रदर्शित होनेवाली है।
ट्रेलर से पता चलता है कि यह फिल्म एक युवक के विवाह तय होने की कहानी पर आधारित है । फिल्म के नायक का नाम श्लोक है और उसके मन के विवाह संबंधी विचारों के प्रतिबिंब के रूप में इस फिल्म को ‘मनाचे श्लोक’ नाम दिया गया है।
इस फिल्म को ‘मनाचे श्लोक’ नामक पवित्र ग्रंथ का नाम दिए जाने के कारण श्री समर्थ सेवा मंडल, सज्जनगढ और समस्त समर्थ भक्तों द्वारा इसका निषेध किया गया है । श्री समर्थ सेवा मंडल और समर्थ भक्तों ने इस फिल्म का नाम बदलने की मांग की है और नाम न बदलने पर जन-आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
इस संबंध में, मंडल द्वारा लेखक-निर्देशक मृण्मयी देशपांडे, निर्माता श्रेयस जाधव, संजय दावरा, स्टारलाइट बॉक्स थिएटर्स, नितिन वैद्य प्रोडक्शंस और केंद्रीय फिल्म परिनिरीक्षण मंडल (अर्थात् सेंसर बोर्ड) के नाम पर एक सार्वजनिक निवेदन जारी किया गया है । श्री समर्थ सेवा मंडल के श्री प्रवीण मुकुंद कुलकर्णी और अधिवक्ता श्रीमती मुग्धा महेश बिवलकर ने यह निवेदन दिया है ।
सन्दर्भ : सनातन प्रभात








