कांग्रेस के मंत्री संतोष लाड सहित अधिकारी उपस्थित ।

हुब्बळ्ळी (कर्नाटक) – हुब्बळ्ळी के वार्ड क्रमांक ३४ के अंतर्गत आनेवाले विशाल नगर में महानगरपालिका, सार्वजनिक निर्माण विभाग तथा हेस्कॉम (HESCOM) विभाग के विविध कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम के लिये जिले के पालकमंत्री संतोष लाड आये थे । नगरसेविका मंगळम्मा गौरी तथा कांग्रेस नेत्री दीपा नागराज गौरी ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया था । उस समय कार्यक्रम का प्रारंभ मुस्लिम समाज के व्यक्ति हाफीज द्वारा कुरान पाठ करके किया गया । इस कार्यक्रम में पालिका आयुक्त रुद्रेश घाळी सहित अनेक सरकारी अधिकारी उपस्थित थे ।
सरकारी कार्यक्रम में कुरान पाठ करना खेदजनक – विधानसभाके विपक्ष के उपनेता अरविंद बेल्लद
मुस्लिम समाज को प्रसन्न करने में लीन कांग्रेस सरकार ने अब सरकारी कार्यक्रम में कुरान पाठ की अनुमति देकर यह सिद्ध किया है कि – ‘मुस्लिमों को प्रसन्न करना ही हमारा उद्देश्य है’ । ऐसी आलोचना विधानसभाके विपक्ष के उपनेता अरविंद बेल्लद ने की ।
The @INCKarnataka government in Karnataka has turned governance into a stage for vote-bank appeasement.
In Hubballi, a government function—the foundation stone laying of civic and public works—began with Quran recitation, openly violating the sanctity and neutrality of state… pic.twitter.com/n2rLZJfdTC
— Arvind Bellad (@BelladArvind) October 7, 2025
उन्होंने कहा कि समारोह में उपस्थित पालकमंत्री द्वारा कुराम पाठ को अनुमति देना अनुचित था । यदि यह किसी समाज का निजी कार्यक्रम होता तो किसीको भी आपत्ति न होती ; किन्तु सरकारी कार्यक्रम में कुरान पाठ की अनुमति देनेवाले अधिकारियों पर मंत्री को कार्रवाई करनी चाहिये थी । इसके विपरीत उन्होंने स्वयं इसे प्रोत्साहन दिया, यह अत्यंत खेदजनक है ।
भाषण के समय अजान प्रारंभ होते ही संतोष लाड ने भाषण रोक दिया ।
संतोष लाड भाषण छोडकर नमाज पाठ के लिये नहीं गये, यही बहुत बडा कहना होगा !
मंत्री संतोष लाड कार्यक्रम में भाषण कर रहे थे, तभी अजान (नमाज के लिये बुलावा) सुनाई देते ही उन्होंने अपना भाषण रोक दिया । अजान समाप्त होने के पश्चात् उन्होंने पुनः भाषण आरंभ किया ।
संपादकीय भूमिका
- कांग्रेस की सरकार अर्थात् पाकिस्तानी शासन ! कांग्रेस को सत्ता में बिठानेवाले हिन्दुओं को क्या यह स्वीकार्य है ?
- कर्नाटक राज्य के तीव्र इस्लामीकरण के विषय में धर्मनिरपेक्षता वाले एवं सर्वधर्मसमभाववाले मौन क्यों हैं ?








