अदिकालाराज को बंदी बना लिया गया ।

उपरोक्त चित्र प्रकाशित करके किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का कोई इरादा नहीं है। यह चित्र केवल सूचनार्थ प्रकाशित किया गया है। – संपादक
त्रिची (तमिलनाडु) – यहां ३० सितम्बर के दिन इन्थम तमिळर संगम (पांचवां तमिल संगम) इस संगठन के फेसबुक पृष्ठ पर एक वीडियो प्रसारित किया गया । इसमें कुछ लोग भगवान श्रीराम की प्रतिमा को चप्पलों की माला पहनाकर जलाते हुए और ‘रावणाने पोत्री’ अर्थात ‘जय रावण’ का जयजयकार करते हुए दिखाई दिए । इसके साथ ही एक चित्र भी पोस्ट किया गया था, जिसमें १० सिर वाले रावण को वीणा बजाते हुए दिखाया गया था । इस प्रकरण में पुलिस ने अपराध प्रविष्ट कर ३६ वर्षीय अदिकालाराज को बंदी बनाया। अन्य आरोपियों का पता किया जा रहा है । पुलिस ने ऐसे लोगों पर कठोर कार्यवाही करने की चेतावनी दी है ।
१. हिन्दु मुन्नानी (हिन्दु आघाड़ी) संगठन के आर. गुणशेखर ने पुलिस में प्रकरण प्रविष्ट कराते हुए कहा कि ऐसी क्रियाएं समाज में अशांति फैलाने वाली हैं ।
२. भाजपा के नेता एस. जी. सूर्या ने इसे हिन्दुविरोधी मानसिकता का गंभीर उदाहरण बताया ।
Shri Ram effigy burned in Chennai on Vijayadashami
Periyarist group TDPK set fire to effigies of Shri Ram, Mata Sita, and Lakshman outside a Sanskrit college in Mylapore, calling it “Ravanan Leela”
📌For decades, Periyarist groups in Tamil Nadu have opposed Hindu Dharma and… pic.twitter.com/fwwXJSoWxM
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) October 3, 2025
संपादकीय भूमिका
- पाकिस्तान और बांगलादेश में जो घटता है, वही तमिलनाडु में और वह भी जन्महिन्दुओं द्वारा घट रहा है, यह हिन्दुओं के लिए लज्जास्पद है।
- अन्य धर्मियों के श्रद्धास्थानों का ऐसा अपमान करने का साहस कौन करेगा ? ‘आई लव मोहम्मद’ के कथित अपमान पर देश को बलपूर्वक उत्पीडित करने का प्रयास किया जाता है, जबकि हिन्दुओं के देवताओं का ऐसा अपमान होने पर भी हिन्दू वैध मार्ग से भी विरोध नहीं करते।
सन्दर्भ : सनातन प्रभात








