सरकार की धर्मान्धों पर कार्रवाई करने के स्थान पर हिन्दुओं को ही धमकी !
बांगलादेश में जब तक हिन्दुओं का वंशसंहार चलता रहेगा, तब तक यही होता रहेगा एवं उसकी ओर भारत सहित विश्व निष्क्रिय दृष्टि से देखता रहेगा अथवा उपेक्षा करता रहेगा, यह भी उतना ही सत्य है । – सम्पादक, हिन्दुजागृति

ढाका (बांगलादेश) – बांगलादेश के अंतरिम प्रधानमंत्री डॉ. मोहम्मद यूनूस ने इस वर्ष दुर्गापूजा पूर्व अनेक क्षेत्रों की यात्रा की एवं हिन्दु समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन दिया । उन्होंने यह उत्सव शांति तथा आदर के साथ संपन्न होगा, ऐसा वचन दिया था; किन्तु फिर भी नवरात्रि के पूर्वसंध्या के दिन ही धर्मान्धों ने ७ मूर्तियों की तोडफोड की । इसके पश्चात भी तोडफोड चालू ही है । इससे यह स्पष्ट हुआ कि ‘सरकार का आश्वासन केवल दिखावा ही था’ ।
१. नवरात्रि के प्रथम दिवस, अर्थात् २२ सितम्बर को झेनाईदाह जनपद के शैलकुपा उपजनपद में फुलहौरी हरितला सर्वजनिन इस पूजा मंडप पर आक्रमण कर मूर्ति की तोडफोड की गई । पुलिस द्वारा बंदी बनाये गये मोंजर अली को मनोरोगी घोषित किया है ।
२. इसके पश्चात २४ सितम्बर को सातखीरा जनपद में मूर्तियों का अपमान किया गया तथा मूर्तियों के वस्त्र फाड दिये गये । इस प्रकरण में पुलिस ने एक व्यक्ति को बंदी बनाया , किन्तु उसकी सूचना प्रकाशित नहीं की गई ।
३. अभी तक जमालपुर, झेनाईदाह और सातखीरा, इन जनपदों में ३ मूर्तियों पर आक्रमण हुआ है ।
बांगलादेश के ७०० दुर्गापूजा मंडप असुरक्षित !
‘सनातनी जागरण ज्योति संगठन’ ने दावा किया है कि इस वर्ष देशभर में ७०० से अधिक दुर्गापूजा मंडप संकट में हैं । संगठन ने सैन्यबल नियुक्त करने की मांग की है । ५५ मंडपों की पहचान किये गये सातखीरा जनपद को सर्वाधिक संवेदनशील कहा गया है ।
‘असत्य सूचना फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई करेंगे !
गृह मंत्रालय के परामर्शदाता जहांगीर आलम चौधरी ने कहा कि ये अलग-अलग घटनाएं हैं तथा इन्हें गंभीरता से नहीं लेना चाहिए । उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा शांतिपूर्वक संपन्न होगी; किन्तु जो कोई गलत सूचना फैलायेगा, उस पर हम कठोर कार्रवाई करेंगे । ‘जहांगीर चौधरी का यह कथन, अर्थात् हिन्दुओं को दी गई धमकी है; क्योंकि इस घटना का निषेध कर अपराधियों को बंदी बनाने के स्थान पर सरकार ने पीडित हिन्दुओं को ही चेतावनी दी है’ – ऐसी आलोचना हिन्दू समाज ने की है ।








