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तिरुमला मंदिर के प्रसाद के लड्डु बनाने में हुआ है २४० करोड रुपए का घोटाला !

अमरावती (आंध्रप्रदेश) – तिरुमला तिरुपति मंदिर में लड्डु का प्रसाद बनाने के लिए मिलावटी घी का उपयोग किए जाने के प्रकरण में केंद्रीय अन्वेषण विभाग ने आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय को बताया कि भोलेबाबा डेयरी के निदेशक पोमिल जैन एवं विपिन जैन ने लड्डू का प्रसाद बनाने के लिए ६० लाख किलो मिलावटी घी की आपूर्ति कर २४० करोड रुपए की धोखाधडी की ।

केंद्रीय अन्वेषण विभाग के निदेशकों की देखरेख में विशेष अन्वेषण दल इस प्रकरण की जांच कर रहा है । इस दल ने उच्च न्यायालय को बताया कि असली गाय की घी के स्थान पर रसायन मिलाए हुए पामतेल की घी के रूप में आपूर्ति की जा रही थी । उत्तराखंड से मंगाया गया यह मिलावटी घी टैंकरों में भरकर ए.आर्. डेयरी तथा वैष्णवी डेयरी के द्वारा मंदिर ले जाया रहा था । कागद पर उनका उल्लेख ‘आधिकारिक ठेकेदार’ के नाम से था, जबकि भोलेबाबा डेयरी पर्दे के पीछे अपना काम कर रही थी ।

अनेक मंदिरों को की जा रही थी मिलावटी घी की आपूर्ति !

केंद्रीय अन्वेषण विभाग के दल ने यह स्पष्ट किया कि यह जाल तिरुमला के बाहर भी फैला हुआ है । आंध्रप्रदेश के अन्य ६ प्रमुख मंदिरों को भी ऐसा ही मिलावटी घी मिलता था । इसमें कनिपकम्, श्रीकालाहस्ति, द्वारका तिरुमला, पेनुगंचिप्रोलु तिरुपथम्मा अम्मावरू मंदिर, श्रीशैलम एवं कनक दुर्गा मंदिर (विजयवाडा) का समावेश है ।

अन्वेषण दल द्वारा न्यायालय को दी गई जानकारी

१. ए.आर्. डेयरी एवं वैष्णवी डेयरी के निदेशकों पर मिलावटी घी की आपूर्ति करने में भोलेबाबा डेयरी की सहायता करने के लिए प्रति किलो ३ रुपए दलाली मिलने का आरोप है ।

२. जांच में यह दिखाई दिया कि भोलेबाबा डेयरी के निदेशक भी इस घोटाले की अवधि में वैष्णवी डेयरी में निदेशक के रूप में काम कर रहे थे ।

३. आरोपी तथा उनके प्रतिनिधि साक्ष्यियों को धमका रहे थे । इस संदर्भ में भी अनेक अपराध पंजीकृत किए गए हैं ।

४. वाय.एस्.आर्. कांग्रेस के कार्यकाल में घी आपूर्ति का ठेका प्राप्त करने के लिए देवस्थान के अधिकारियों को रिश्वत दी गई ।

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