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इतिहास के विकृतिकरण पर आधारित ‘His Story of इतिहास’ फिल्म प्रदर्शित!

कांग्रेस और वामपंथियों द्वारा इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में किए गए झूठे इतिहास के प्रसार को उजागर किया गया!

भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर नीरज अत्री के जीवन पर आधारित फिल्म

‘पंचकर्मा फिल्म्स’ की प्रस्तुति — भौतिक विज्ञान के प्राध्यापक नीरज अत्री के जीवन पर आधारित फिल्म

नई दिल्ली – ‘His Story of इतिहास’ (उसके ‘इतिहास’ की कहानी) नामक फिल्म 30 मई को प्रदर्शित हुई है। इस फिल्म में स्वतंत्र भारत में इतिहास के किस प्रकार विकृतिकरण (तोड-मरोड) किया गया, इस पर प्रकाश डाला गया है। यह फिल्म भौतिक विज्ञान पढ़ाने वाले प्रोफेसर नीरज अत्री की सच्ची कहानी पर आधारित है। फिल्म के छोटे विज्ञापन में यह बताया गया है कि “इतिहास एक जादूगर है। हमारे ऊपर ऐसा इतिहास थोपा गया, जो असल में कभी घटा ही नहीं था।” उदाहरण के तौर पर – वास्को-दा-गामा ने भारत की खोज की, भारत को अहिंसा से स्वतंत्रता मिली, ब्राह्मण बाहर से भारत में आए, महिलाओं और शूद्रों को वेद पढने की अनुमति नहीं थी, आदि।

फिल्म को पर्याप्त ‘स्क्रीन्स’ नहीं मिल रही हैं! – नीरज अत्री

इस संदर्भ में श्री नीरज अत्री ने कहा कि “यह फिल्म हिंदूविरोधियों का नकाब उतारने वाली है। यह स्थापित व्यवस्था के खिलाफ है, इसलिए कई सिनेमा मालिक इस फिल्म को स्क्रीन नहीं दे रहे हैं।” उन्होंने कहा कि “इस विषय पर हिंदुओं में जागरूकता आनी चाहिए।”

फिल्म के विषय में बात करते हुए उन्होंने कहा कि,

“इस फिल्म के माध्यम से यह दिखाया गया है कि युवाओं को कैसे हिंदूविरोधी बनाने के लिए ‘ब्रेनवॉश’ किया जा रहा है। स्कूलों में इतिहास की पढ़ाई के जरिए बच्चों के धर्म के प्रति नकारात्मक सोच कैसे विकसित होती है, यह हिंदू माता-पिता को इस फिल्म से समझ में आ सकता है। इसलिए अधिक से अधिक हिंदुओं को अपने बच्चों के साथ यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए।” ऐसा आवाहन श्री अत्री ने किया।

फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि नीरज अत्री को जब वे भौतिक विज्ञान पढ़ा रहे थे, तब यह समझ में आया कि भारतीय शैक्षणिक प्रणाली (NCERT) किस प्रकार छात्रों को झूठा इतिहास सिखा रही है। इसके विरोध में उन्होंने संघर्ष कैसे किया, इतिहास की किताबों में दी गई जानकारी किस आधार पर दी गई है, इस पर उन्होंने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत आवेदन कैसे किए – इन सभी पहलुओं को फिल्म में उजागर किया गया है।

फिल्म में नीरज अत्री की भूमिका अभिनेता सुबोध भावे ने निभाई है, जबकि लेखक और निर्देशक मनप्रीत सिंह धामी हैं। फिल्म का निर्माण ‘पंचकर्मा फिल्म्स’ द्वारा किया गया है।

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