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महाकुंभ में प्रदर्शनी के जरिए विस्थापित कश्मीरी हिन्दुओं ने अमानवीय अत्याचारों की भयावहता की प्रस्तुत

कश्मीरी हिन्दुओं पर अत्याचारों को प्रदर्शित करने वाले विस्थापित कश्मीरी हिन्दू

प्रयागराज – कुंभ मेले में पहली बार विस्थापित कश्मीरी हिन्दू समाज संगठन की ओर से कश्मीरी हिन्दुओं पर हुए अमानवीय अत्याचारों की भयावहता दर्शाने वाली प्रदर्शनी लगाई गई है। यह प्रदर्शनी सेक्टर 8 में पद्म माधव मार्ग पर आयोजित की गई है। विभिन्न राज्यों में बस चुके कश्मीरी हिन्दू परिवारों ने एकत्रित होकर इस प्रदर्शनी का आयोजन किया है।

इस प्रदर्शनी के बारे में जानकारी देते हुए विस्थापित कश्मीरी हिन्दू समाज संगठन के संस्थापक श्री अश्विनी साधू ने कहा, “कश्मीरी हिन्दुओं का पुनर्वास कश्मीर में होना चाहिए, इसके लिए सरकार को पहल करनी होगी। कश्मीरी हिन्दुओं पर हुए अत्याचारों पर चर्चा तो होती है, लेकिन इससे आगे बढकर हमें पुनर्वास की दिशा में काम करना होगा। कश्मीरी हिन्दू विभिन्न राज्यों में जाकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और अपने जीवन-यापन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कश्मीर से विस्थापित होने के बाद हमारी तीसरी पीढ़ी अब भी अपनी मूल भूमि में लौटने की प्रतीक्षा कर रही है। कुंभ क्षेत्र में हम हजारों लोगों के लिए भंडारा सेवा भी करने जा रहे हैं। ७ बार नरसंहार झेलने के बावजूद कश्मीरी हिन्दुओं का अस्तित्व बचा हुआ है, यह भगवान की ही कृपा है।”

नोएडा से आईं आंचल रैना ने कहा, “कश्मीर से विस्थापित होने के बाद हमें जम्मू में रहने की जगह मिली। तब हमें लगा कि शायद हम बाद में वापस कश्मीर लौट सकेंगे। लेकिन जिनके पास पैसे तक नहीं थे, उन्हें अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए भी हमें १  से १.५ साल तक संघर्ष करना पड़ा। कई बुजुर्गों की सर्पदंश से मृत्यु हो गई। वर्तमान में हर कश्मीरी हिन्दू शिक्षा प्राप्त कर स्वयं को सशक्त बनाने का प्रयास कर रहा है।”

इस शिविर में नियमित रूप से यज्ञ-हवन, भगवान शिव की उपासना और सामूहिक आरती का आयोजन किया जा रहा है। अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिए यहां विभिन्न क्षेत्रों से आए विस्थापित कश्मीरी पंडितों की नई पीढ़ी को कश्मीरी भाषा में विभिन्न देवताओं की आरतियाँ सिखाई जा रही हैं।

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