
रत्नागिरी (महाराष्ट्र) – भारत के और विदेश के देश एवं हिन्दुत्व विरोधी शक्तियों को एकजुट होकर निर्माण किया हुआ धोखा रोकना, हिन्दुओं की समस्याओं पर तुरंत ध्यान देकर उन्हें सुलझाने के लिए बाध्य करने हेतु दबाब गुट की निर्मिति करना, हिन्दुओं का इकोसिस्टिम तैयार करना आदि उद्देश्य से यहां ३ अगस्त २०२४ को विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के प्रतिनिधि, मंदिर विश्वस्त, मंडलों के पदाधिकारी, अधिवक्ता और हिन्दुत्वनिष्ठ के सहभाग से और संतों की वंदनीय उपस्थिति में रत्नागिरी विभाग ‘हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति’की स्थापना की गई है । यह समिति रत्नागिरी, राजापुर, लांजा और संगमेश्वर तालुकाओं के लिए कार्यरत रहेगी ।

समिति की स्थापना का उद्देश्य बताते हुए हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. विनय पानवळकर ने कहा, ‘‘आज राजनीति, सामाजिक संस्था, विद्यार्थी संगठन, बॉलिवुड, पत्रकारिता, साहित्य जैसे अनेक क्षेत्रों से संबंधित जिहादी, मिशनरी, कम्युनिस्ट, ‘सेक्युलैरिस्ट’, अर्बन नक्सलवादी, खलिस्तानी इत्यादि भारत में और विदेश में भी देशद्रोही और हिन्दुत्वविरोधी शक्तियों का ‘इकोसिस्टिम’ विदेशी शक्तियों की सहायता से कार्यरत है । हिन्दुओं को भी ऐसी ही नीतिगत संगठन की निर्मिति और नियोजन कर हिन्दूद्वेषी शक्तियों का यह ‘इकोसिस्टीम’ रोकना आवश्यक है । सत्ताधारी और हिन्दू जनता में संवाद प्रस्थापित करनेवाली व्यवस्था होना, इसके साथ ही हिन्दुओं की समस्याओं पर तुरंत ध्यान देने के लिए बाध्य करने हेतु हिन्दुओं का ‘दबाव गुट’ तैयार करना भी अत्यंत आवश्यक है । उसके लिए विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन, हिन्दुत्वनिष्ठ आदि को एकत्र आकर हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति की स्थापना करना, आज की आवश्यकता है ।








