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कर्नाटक सरकार ने धर्मांतरण विरोधी कानून को किया रद्द, आरएसएस के डॉ. हेडगेवार पर आधारित पाठ भी हटाया

नई दिल्‍ली – कर्नाटक की सत्‍ता पर काबिज हुए कांग्रेस पार्टी को अभी एक महीना ही हुआ है कि उन्‍होंने भाजपा द्वारा पास किए गए धर्मांतरण के कानून को रद्द करने का मन बना लिया है। कैबिनेट ने इसपर अपनी मुहर भी लगा दी है। जल्‍द ही इस बिल को विधानसभा के पटल पर रखने की तैयारी है। इस बिल का मुख्‍य फोकस धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार का संरक्षण करना है और साथ ही गलत बयानी, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, प्रलोभन के द्वारा एक धर्म से दूसरे धर्म में अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाना है।

कर्नाटक के मंत्री एचके पाटिल ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने स्कूलों और कॉलेजों में प्रार्थना के साथ संविधान की प्रस्तावना को पढना अनिवार्य करने का फैसला किया है।

साथ ही कर्नाटक सरकार ने पाठ्यक्रम से आरएसएस संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवारजी का अध्याय भी हटाने का निर्णय लिया है। यह भी चर्चा है कि इसके बाद सिद्धारमैया सरकार गोहत्या निरोधक कानून के सख्त प्रावधानों को भी हल्का कर सकती है।

कर्नाटक के शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा ने बताया, ‘हेडगेवार पर स्कूल सिलेबस में जो दिया गया था, उसे हटा दिया गया है। पिछले सरकार ने बीते साल जो भी बदलाव किए थे, उन्हें वापस लिया गया है। अब वही पढ़ाई होगी, जो पहले होती थी।’

स्रोत: news18

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