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शिरढोण (पनवेल) में ४०० हिन्दुओंकी उपस्थिति में गूंज उठी हिन्दू ऐक्य की ध्वनि !

मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष एकादशी, कलियुग वर्ष ५११६

आद्य क्रान्तिकारी वासुदेव बळवंत फडके के अस्तित्व से तथा स्वतन्त्रतावीर सावरकर के पदस्पर्श से पावन शिरढोण गांव में हिन्दू धर्मजागृति सभा संपन्न !

हिन्दुओ, धर्माचरण करें ! – श्री. नरेंद्र सुर्वे

बायेसें श्री. नरेंद्र सुर्वे, दीपप्रज्वलन करते हुए श्री. विक्रम भावे और श्री. सुमित सागवेकर
बायेसें श्री. नरेंद्र सुर्वे, दीपप्रज्वलन करते हुए श्री. विक्रम भावे और श्री. सुमित सागवेकर

पनवेल-शिरढोण (महाराष्ट्र) : २९ नवम्बर को यहां सम्पन्न हिन्दू धर्मजागृति सभा में सनातन संस्था के श्री. नरेंद्र सुर्वे ने अपने वक्तव्य में यह प्रतिपादन किया कि ४ सहस्र वर्ष पूर्व सम्पूर्ण विश्व में वैदिक संस्कृति अर्थात हिन्दू धर्म ही था । यदि हिन्दू संस्कृति की प्राचीनता का वास्तविक इतिहास सिखाना आरम्भ किया जाए, तो तथाकथित निधर्मीवादी इतिहास का भगवेकरण किया जा रहा है, ऐसा शोर मचाते हैं ।धर्मपर आनेवाली आपत्तियोंका प्रतिकार करने हेतु हिन्दुओंको, सुख का मूल धर्माचरण में ही है, यह ध्यान में रखते हुए धर्माचरण करना चाहिए ।

उस समय ४०० हिन्दू उपस्थित थे ।

आद्य क्रान्तिकारी वासुदेव बळवंत फडके के अस्तित्व से तथा स्वतन्त्रतावीर सावरकर के पदस्पर्श से पावन शिरढोण गांव में हिन्दू धर्मजागृति सभा में राष्ट्र एवं धर्म रक्षा के लिए ग्रामीणोंने एकमुख से निश्चय किया । उस समय हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. सुमित सागवेकर, साथ ही हिन्दू विधिज्ञ परिषद के श्री. विक्रम भावे ने मार्गदर्शन किया ।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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