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देश की अखंडता बनाए रखने के लिए ‘जनसंख्या नियंत्रण कानून’ बनना ही चाहिए ! 

अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानंद सरस्वतीजी को हिन्दू जनजागृति समिति का समर्थन !

अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानंद सरस्वती देश में ‘जनसंख्या नियंत्रण कानून’ बनाने की मांग करते हुए १ नवंबर २०१८ से आमरण अनशन करने बैठे हैं । देश के संतों को इस प्रकार का कानून बनाने की मांग के लिए आमरण अनशन के लिए बैठना पडता है, यह हिन्दुत्व के नाम पर और हिन्दुआें के मतों से चुनकर आई केंद्र सरकार के लिए शर्मनाक है । अतः राष्ट्ररक्षा के लिए आरंभ किए उनके इस अभियान को हिन्दू जनजागृति समिति का समर्थन है । हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने प्रतिपादित किया कि देश का धार्मिक सामंजस्य, सामाजिक सुरक्षा और देश की अखंडता बनाए रखने के लिए ‘जनसंख्या नियंत्रण कानून’ बनना ही चाहिए ।

श्री. शिंदे यह भी कहा कि, देश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए सभी धर्मियों के लिए समान कानून न होने के कारण अल्पसंख्यकों की जनसंख्या बढती जा रही है । वर्तमान स्थिति में जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय, मिजोरम और मणिपुर आदि राज्य तथा केंद्रशासित प्रदेश लक्ष्यद्वीप एवं निकोबार में हिन्दू अल्पसंख्यक हो गए हैं । अनेक अंतरराष्ट्रीय संस्थाआें ने भी दावा किया है कि, यदि यही स्थिति बनी रही, तो वर्ष २०३० से पूर्व भारत में हिन्दू अल्पसंख्यक हो जाएंगे । भारत में ‘हम दो, हमारे दो’ जनसंख्या नियंत्रण का यह संदेश केवल हिन्दुआें को दिया जाता है; परंतु वही संदेश मुसलमानों को नहीं दिया जाता । इसलिए ‘जनसंख्या नियंत्रण और संतुलन’ बनाए रखनेवाला कानून सभी धर्मियों को लागू करना चाहिए, यह काल की आवश्यकता है ।

यति नरसिंहानंद सरस्वतीजी द्वारा आरंभ किए गए अनशन की ओर गत १७ दिनों में केंद्र और राज्य शासन में से किसी ने भी ध्यान नहीं दिया है, यह चिंताजनक है । कुछ समय पूर्व ही प्रा. जी.डी. अग्रवाल उपाख्य स्वामी सानंदजी ने गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए १११ दिन आमरण अनशन किया था । तत्पश्‍चात उनका देहांत हो गया । तब भी केंद्र शासन ने उस ओर ध्यान नहीं दिया । श्री. शिंदे ने आवाहन किया कि ‘जनसंख्या नियंत्रण कानून’ बनाने के लिए जनआंदोलन करें तथा शासन को कानून बनाने के लिए बाध्य करें तथा इस हिन्दू आंदोलन में समस्त हिन्दू बंधू यथाशक्ति सम्मिलित हों ।

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