कार्य योजना प्रस्तुत न करने पर कार्यक्रम के स्थगन तथा कार्यवाही हेतु याचिका प्रविष्ट करने की चेतावनी !

मुंबई – शिवडी में प्रस्तावित ‘सनबर्न फेस्टिवल’ के कारण गंभीर वैधानिक तथा सार्वजनिक सुरक्षा के प्रश्न उपस्थित हुए हैं । अतः आयोजकों को ‘नशाविरोधी संघर्ष अभियान’ की अधिवक्ता पूनम दिलीप जाधव की ओर से मुंबई उच्च न्यायालय के अधिवक्ता प्रथमेश गायकवाड के माध्यम से वैधानिक सूचना (लीगल नोटिस) भेजी गई है ।
सूचना में कहा गया है कि,
१. यह सूचना किसी तर्क पर आधारित न होकर सनबर्न के विगत कार्यक्रमों में हुई मृत्यु , चिकित्सीय आपातकाल , मादक पदार्थ संबंधी घटनाएं , जनसमूह प्रबंधन की विफलता तथा नियामक उल्लंघनों के अभिलेखों पर आधारित है ।
२. वर्ष २००९ , २०१९ और २०२४ की मृत्यु की घटनाओं के पश्चात भी आयोजकों ने कोई स्वतंत्र जांच विवरण अथवा सुधारात्मक सुरक्षा योजना सार्वजनिक नहीं की है , यह अत्यंत गंभीर है ।
३. प्रस्तावित कार्यक्रम में १६ – १७ आयुवर्ग के अल्पवयस्क बालकों को प्रवेश देने का निर्णय चिकित्सीय दृष्टि से संकटपूर्ण है तथा विधि के संरक्षणात्मक सिद्धांतों के विरुद्ध है ।
४. इससे पूर्व सनबर्न कार्यक्रमों में मादक पदार्थों के अधिग्रहण एवं बंदी बनाए जाने से संबंधित घटनाएं हुई थीं । विधि के अंतर्गत आयोजक इसके लिए उत्तरदायी ठहरते हैं ।
५ . शिवडी क्षेत्र संकुचित मार्गों , सीमित प्रवेश-निकास तथा पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील होने के कारण वृहत स्तर के कार्यक्रमों के लिए अनुपयुक्त है । तदपि संरचनात्मक सुरक्षा विवरण , जनसमूह नियंत्रण की योजना , चिकित्सीय सज्जता , पर्यावरण पर होने वाला प्रभाव तथा पुलिस अनुमति के विषय में कोई भी प्रलेख आयोजकों ने प्रस्तुत नहीं किए हैं । अनुमति न होने पर भी टिकटों का विक्रय चालू रहना , यह जनता को भ्रमित करना है ।
६. इस प्रकरण में आयोजक ७२ घंटों के भीतर बाल सुरक्षा , जनसमूह प्रबंधन , चिकित्सीय सज्जता , पर्यावरणीय अनुपालन तथा पुलिस समन्वय प्रदर्शित करने वाली कार्य योजना सार्वजनिक करें , अन्यथा मुंबई उच्च न्यायालय में कार्यक्रम पर तत्काल स्थगन के साथ दाण्डिक , नागरिक तथा नियामक कार्यवाही के लिए याचिका प्रविष्ट करनी होगी ।
इस सूचना की प्रतिलिपि मुंबई पुलिस आयुक्त , मादक द्रव्य निरोधक विभाग , महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल तथा बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी को भी प्रेषित की गई है ।








