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‘सनबर्न फेस्टिवल’ के विरोध में मुंबई में जन आक्रोश; कॉलेज छात्रों ने दिया ‘नशा विरोधी संघर्ष अभियान’ को समर्थन

युवा पीढी को नशा के गड्ढे में धकेलने वाले विवादास्पद ‘सनबर्न उत्सव’ को प्रतिबंधित किया जाए ! – नशा विरोधी संघर्ष अभियान

छायाचित्र में बाएं से श्री राजेश सावंत, संबोधित करती हुई श्रीमती धनश्री केळशीकर तथा प्रा. विट्ठल सोनटक्के
छायाचित्र में बाएं से श्री राजेश सावंत, संबोधित करती हुई श्रीमती धनश्री केळशीकर तथा प्रा. विट्ठल सोनटक्के

मुंबई – एक ओर जहां महाराष्ट्र पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ मुहिम छेड रखी है, वहीं दूसरी ओर नशीले पदार्थों के सेवन और तस्करी की पृष्ठभूमि वाले ‘सनबर्न फेस्टिवल’ के स्वागत की तैयारियां हा रही हैं । इस संबंध में मुंबई में जन आक्रोश बढ रहा है। ‘सनबर्न फेस्टिवल’ के विरोध में ‘नशा विरोधी संघर्ष अभियान’ मैदान में उतर गया है और मुंबई तथा आसपास के कई कॉलेजों ने नशीले पदार्थ विरोधी अभियान को समर्थन दिया है । मुंबई में १९,२० और २१ दिसंबर को ‘सनबर्न फेस्टिवल’ का आयोजन किया गया है । नशा विरोधी संघर्ष अभियान के अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों और समाज में इसके बारे में जागरूकता फैलाई जा रही है ।

अभियान के अंतर्गत इस प्रकार से विरोध किया जा रहा है,

  • स्कैनर (QR कोड) के माध्यम से युवाओं की प्रतिक्रिया दर्ज करना
  • सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता फैलाना
  • कॉलेजों में जानकारी देना
  • हस्तपत्रक (हैंडबिल) वितरित करके जनजागरण करना
  • सोशल मीडिया से ज्ञानवर्धक संदेश प्रसारित करना

‘सनबर्न उत्सव’ भारत में सदैव विवादास्पद रहा है । गोवा में प्रतिबंधित होने के उपरांत इस वर्ष मुंबई के शिवडी में १९ से २१ दिसम्बर की कालावधि में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है । यह तथाकथित ‘उत्सव’ महाराष्ट्र की संस्कृति, परंपरा तथा अस्मिता को कलंकित करने वाला है । व्यसन–वृद्धि कराने वाले ऐसे कार्यक्रमों पर स्थायी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए । युवा पीढी को अमली पदार्थों के गड्ढे में ढकेलने वाला इस कार्यक्रम को मुंबई में प्रतिबंधित किया जाए तथा इस कार्यक्रम को देश में प्रतिबंधित किया जाए – ऐसी मांग ‘ नशा विरोधी संघर्ष अभियान’ की श्रीमती धनश्री केळशीकर ने की ।

८ दिसम्बर के दिन मुंबई मराठी पत्रकार संघ में ‘नशा विरोधी संघर्ष अभियान’ की ओर से आयोजित पत्रकार परिषद में वे बोल रही थीं ।  इस अवसर पर नशा विरोधी संघर्ष अभियान के प्रा. श्रीपाद सामंत, कीर्ति महाविद्यालय के प्रा. विट्ठल सोनटक्के, ‘मुक्त श्वास फाउंडेशन’ के संयोजक श्री राजेश सावंत, अधिवक्ता आशुतोष पांडे तथा हिन्दू जनजागृति समिति की अधिवक्ता (श्रीमती) मृण्मयी खोडवेकर उपस्थित थीं ।

‘सनबर्न फेस्टिवल’ को तुरंत रद्द करने की मांग को लेकर मुंबई में आंदोलन

१. शिवडी

२. दादर (मुंबई) के आंदोलन में छात्रों ने लिया सहभाग

‘नशाविरोधी संघर्ष अभियान’की ओर से दादर (पूर्व) के रेलस्थान के बाहर आंदोलन किया गया । इसमें युवकों एवं राष्ट्रप्रेमी नागरिकों ने ‘सनबर्न’का तीव्र विरोध किया ।

नशा के पाश में ढकेल देनेवाला ‘सनबर्न फेस्टिवल’ रद्द कीजिए ! – कु. श्रेया नलावडे, महाविद्यालयीन छात्रा

हम सभी छात्र ‘सनबर्न फेस्टिवल फेस्टिवल’का विरोध करने के लिए इस आंदोलन में सहभागी हुए हैं; क्योंकि मनोरंजन के नाम पर हो रहा यह कार्यक्रम सीधे-सीधे नशा को प्रोत्साहन दे रहा है । वर्ष २०१३, २०१९ एवं २०२४ में इस कार्यक्रम के आयोजकों पर अनेक अपराध पंजीकृत हुए हैं । नशा एवं मादक पदाथों के सेवन को प्रोत्साहन देनेवाले इस ‘फेस्टिवल’को सरकार क्यों अनुमति दे रही है ? क्या सरकार को इसके द्वारा युवकों को नशा के पाश में ढकेल देना है ? अथवा मादक पदार्थाें के कारण पुनः मृत्यु होने देने हैं ? मेरा सरकार से यह प्रश्न है कि मादक पदार्थाें को प्रोत्साहन देनेवाले इस कार्यक्र का क्या उद्देश्य है ? इसलिए हम छात्रों की यह मांग है कि यह कार्यक्रम तुरंत रद्द किया जाए ।

३. नेरूल में आंदोलन !

नशाविरोधी संघर्ष अभियान’ की ओर से नेरूल रेलवे स्टेशन के बाहर युवाओं और राष्ट्रप्रेमी नागरिकों ने आंदोलन करते हुए विरोध जताया । इस आंदोलन में युवक और राष्ट्रप्रेमी नागरिक के साथ-साथ ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, नेरूल’ के स्वयंसेवकों, सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति के साधकों ने सहभाग लिया ।

इस अवसर पर ‘सनबर्न हटाओ-देश बचाओ’, ‘भारतमाता की जय’, ‘वन्दे मातरम्’, ‘छत्रपति शिवाजी महाराज की जय’ जैसे नारे लगाए गए । आंदोलनकारियों ने ‘सनबर्न’ का विरोध करनेवाले पोस्टर हाथों में पकड रखे थे । इसके साथ ही एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया । इसके अंतर्गत कई नागरिकों ने हस्ताक्षर करके अपना विरोध दर्ज कराया ।

कॉलेज छात्रों ने दिया ‘नशा विरोधी संघर्ष अभियान’ को समर्थन

‘नशा विरोधी संघर्ष अभियान’ के अंतर्गत मुंबई में अब तक ३४ कॉलेजों और निजी कोचिंग सेंटरों (क्लासेस) में जागरूकता फैलाई गई है । मुंबई की कलेक्टर श्रीमती आंचल सूद गोयल, मुंबई के कानून और व्यवस्था सह-आयुक्त श्री सत्यनारायण चौधरी, मुंबई दक्षिण क्षेत्रीय विभाग के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री. अभिमन्यु देशमुख और मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के अध्यक्ष, मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त, नशीले पदार्थ विरोधी दस्ते के आयुक्त आदि को ज्ञापन दिया गया है ।

‘सनबर्न फेस्टिवल’ रद्द किया जाए, यह युवक-युवतियों की मांग है ! – प्रो. शुभदा चव्हाण, नवा समाज मंडल डिग्री कॉलेज, विलेपार्ले (पूर्व)

वसई के 'न्यू इंग्लिश स्कूल जूनियर कॉलेज' के छात्रों ने हाथ उठाकर 'नशा विरोधी संघर्ष अभियान' को दिया समर्थन
वसई के ‘न्यू इंग्लिश स्कूल जूनियर कॉलेज’ के छात्रों ने हाथ उठाकर ‘नशा विरोधी संघर्ष अभियान’ को दिया समर्थन

इससे पहले गोवा में ‘सनबर्न फेस्टिवल’ आयोजित किए गए हैं । इनमें बडी मात्रा में नशीले पदार्थों का सेवन पाया गया था । गोवा में हुए ‘सनबर्न फेस्टिवल’ में नशीले पदार्थों के कारण कुछ युवाओं को अपनी जान भी गंवानी पडी थी । इस कार्यक्रम के लिए नशीले पदार्थ सप्लाई करनेवाले कई लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमे भी दर्ज किए हैं । इस कार्यक्रम स्थल पर ‘केटामाइन’ नामक ‘रेप ड्रग्स’ की (रेप ड्रग्स – पेय के माध्यम से लडकियों को बिना बताए नशीला पदार्थ जो कि प्रतिबंधित है, इसे देकर उनका यौन शोषण किया जाता है । ) कई बोतलें भी मिली हैं । इन सभी संकटों को ध्यान में रखते हुए, मुंबई में ‘सनबर्न फेस्टिवल’ रद्द किया जाए, यह युवक-युवतियों की मांग है।

'नवा समाज मंडल डिग्री कॉलेज' में 'सनबर्न फेस्टिवल' के खिलाफ अपनी बात रखते श्री. बलवंत पाठक
‘नवा समाज मंडल डिग्री कॉलेज’ में ‘सनबर्न फेस्टिवल’ के खिलाफ अपनी बात रखते श्री. बलवंत पाठक

हस्ताक्षर अभियान में सैकडों छात्र हुए सम्मिलित

वसई के ‘न्यू इंग्लिश स्कूल जूनियर कॉलेज’, विलेपार्ले (पूर्व) के ‘नवा समाज मंडल डिग्री कॉलेज’ में छात्रों के बीच नशीले पदार्थों से होनेवाली हानि के विषय में जागरूकता फैलाई गई । इन कॉलेजों में ‘सनबर्न फेस्टिवल’ रद्द करने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया । सैकडों छात्रों ने हस्ताक्षर करके इस अभियान को अपना समर्थन दिया । इस दौरान जागरूकता के लिए हैंडबिल भी वितरित किए गए । इन हैंडबिलों पर दिए गए ‘क्यूआर कोड’ को ‘स्कैन’ करके कॉलेज के युवक-युवतियों ने इस अभियान को सक्रिय समर्थन दिया।

'नवा समाज मंडल डिग्री कॉलेज' में ज्ञानवर्धक संदेश देते 'नशा विरोधी संघर्ष अभियान' की श्रीमती धनश्री केळशीकर ।
‘नवा समाज मंडल डिग्री कॉलेज’ में ज्ञानवर्धक संदेश देते ‘नशा विरोधी संघर्ष अभियान’ की श्रीमती धनश्री केळशीकर ।

नशा-विरोधी संघर्ष अभियान को विरार–वसईवासियों का समर्थन!

अण्णासाहेब वर्तक महाविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रणय घरत को ‘सनबर्न फेस्टिवल’ के विरोध में हस्तपत्रक देते हुए
अण्णासाहेब वर्तक महाविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रणय घरत को ‘सनबर्न फेस्टिवल’ के विरोध में हस्तपत्रक देते हुए

पालघर — जिले के वसई और विरार क्षेत्रों में यह अभियान जारी है । इसे समाज की ओर से समर्थन मिल रहा है । इसके अंतर्गत अण्णासाहेब वर्तक कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय, वसई पश्चिम के योगेश्वरी क्लासेस, तुंगारेश्वर स्थित श्री शनिधाम मंदिर, नायगांव के उमैले में दत्त मंदिर तथा वास्तुविशारद शैलेश मिस्त्री के कार्यालय आदि स्थानों पर जाकर इस कार्यक्रम के समाज और राष्ट्र के लिए संभावित संकटों के बारे में जागरूकता फैलाई जा रही है, साथ ही इस संदर्भ में पत्रक वितरित कर समाज में चेतना उत्पन्न की जा रही है ।

नालासोपारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजन नाईक और वसई विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती स्नेहा दुबे को भी इस बारे में निवेदन दिया गया ।

नालासोपारा विधानसभा मतदारसंघ के विधायक राजन नाईक को ‘सनबर्न फेस्टिवल’ के विरोध में निवेदन देते हुए
नालासोपारा विधानसभा मतदारसंघ के विधायक राजन नाईक को ‘सनबर्न फेस्टिवल’ के विरोध में निवेदन देते हुए

विरार में ‘सनबर्न फेस्टिवल’ के विरोध में जनआंदोलन

‘सनबर्न फेस्टिवल’ के विरोध में जनआंदोलन करते हुए नागरिक
‘सनबर्न फेस्टिवल’ के विरोध में जनआंदोलन करते हुए नागरिक

विरार – पश्चिम भाग में ‘नशा विरोधी संघर्ष अभियान’ के अंतर्गत आंदोलन कर ‘सनबर्न फेस्टिवल’ का तीव्र विरोध किया गया । इस दौरान स्थानीय युवा और नागरिकों के साथ हिन्दुत्व समर्थक श्री. दीप्तेश पाटील, पूर्व नगरसेविका श्रीमती हर्षदा पाटील तथा वसई के दिवाणेश्वर महादेव मंदिर के विश्वस्त श्री. जगदीश शास्त्री भी उपस्थित थे । आंदोलनकारियों ने ‘सनबर्न’ का विरोध करने वाले फलक हाथों में उठाए थे। इस दौरान हस्ताक्षर अभियान में नागरिकों ने अपना विरोध दर्ज करने के लिए हस्ताक्षर किए।

स्थानीय विधायकों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया

अशोक पाटील (दाएं) को निवेदन देते समय मध्य में सतीश सोनार।
अशोक पाटील (दाएं) को निवेदन देते समय मध्य में सतीश सोनार।
मिहीर कोटे (मध्य में) को निवेदन देते समय सतीश सोनार (बाएं)
मिहीर कोटे (मध्य में) को निवेदन देते समय सतीश सोनार (बाएं)

‘सनबर्न फेस्टिवल’ के विरोध में भांडुप पश्चिम में शिवसेना के विधायक अशोक पाटील को ‘नशा विरोधी संघर्ष अभियान’ की ओर से सतीश सोनार ने एक निवेदन दिया । इस अवसर पर पाटील ने स्पष्ट कहा, “यदि समय मिलेगा तो मैं अन्य साथियों की सहायता से इस विषय को विधानसभा में उठाने का प्रयास करूंगा ।” भाजपा के मुलुंड से विधायक मिहीर कोटे को भी इसी विषय पर निवेदन दिया गया । शिवडी में १९ से २१ दिसंबर तक होनेवाले ‘सनबर्न फेस्टिवल’ के विरोध में ‘नशा विरोधी संघर्ष अभियान’ की ओर से सरकारी कार्यालयों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं को निवेदन दिए जा रहे हैं ।

‘नशाविरोधी संघर्ष अभियान’ की पुणे में पत्रकार परिषद

आयोजकों द्वारा करोडों रुपयों का कर (टैक्स) न भरने पर भी सरकार द्वारा कार्यक्रम को अनुमति देना अनाकलनीय ! – चंद्रकांत वारघडे, अध्यक्ष, माहिती सेवा समिति

(बाएं से) ह.भ.प. भानुदास वैराट महाराज, श्री चंद्रकांत वारघडे, अधिवक्ता (श्रीमती) मुग्धा बिवलकर तथा कु. प्राची शिंत्रे
(बाएं से) ह.भ.प. भानुदास वैराट महाराज, श्री चंद्रकांत वारघडे, अधिवक्ता (श्रीमती) मुग्धा बिवलकर तथा कु. प्राची शिंत्रे

पुणे – “वर्ष २०१६ में पुणे‑केसनंद में आयोजित इस आयोजन में ‘नशे का बाजार’ जैसा माहौल बन गया था, जिससे युवा पीढी प्रभावित हुई थी । आलोचक दावा करते हैं कि आयोजकों ने सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया; उत्खनन के कारण लगाए गए ६०,५५,३८३ रुपये के जुर्माने को तत्कालीन प्रशासन ने छूट दे दी थी, जबकि लगभग ४२.९२ लाख रुपये के स्टाम्प शुल्क का जुर्माना अब तक भुगतान नहीं किया गया है । जिससे उन पर कुल मिलाकर एक करोड रुपये से अधिक की देनदारी बची हुई है ।

आलोचकों का कहना है कि सामान्य किसानों को दंड देना आम बात है, जबकि बडे आयोजकों का दंड माफ करना प्रशासकीय पक्षपात है । पुराना बकाया न चुकानेवालों को फिर से नए कार्यक्रम के लिए अनुमति देना अनाकलनीय है, और पर्यटन विभाग को तुरंत इसकी अनुमति निरस्त करनी चाहिए, अन्यथा वे कानूनी मार्ग से कडा आंदोलन करेंगे, यह चेतावनी माहिती सेवा समिति के अध्यक्ष चंद्रकांत वारघडे ने पुणे में पत्रकारों से कही ।

चंद्रकांत वारघडे के नेतृत्व में ‘नशा विरोधी संघर्ष अभियान’ ने मुंबई में १९, २० और २१ दिसंबर को होने वाले ‘सनबर्न फेस्टिवल’ का कडा विरोध किया गया । उन्होंने इसी संदर्भ में ८ दिसंबर को पुणे में आयोजित पत्रकार बैठक में यह बात कही । बैठक में ‘व्यसनमुक्त युवक संघ महाराष्ट्र’ के मार्गदर्शक ह.भ.प. भानुदास वैराट महाराज, अधिवक्ता (शो.) मुग्धा बिवलकर, तथा हिन्दू जनजागृति समिति की कु. प्राची शिंत्रे सहित अन्य दर्जनों मान्यवर उपस्थित थे ।

‘सनबर्न फेस्टिवल’ का वसई निवासियों द्वारा बढता विरोध !

पाचू बंदर (वसई) में नशाविरोधी संघर्ष अभियान की बैठक में उपस्थित नागरिक
पाचू बंदर (वसई) में नशाविरोधी संघर्ष अभियान की बैठक में उपस्थित नागरिक

मुंबई में हो रहे इस कार्यक्रम का मुंबई से सटे वसई से प्रचंड विरोध हो रहा है । ७ दिसंबर को वसई गांव के पाचू बंदर में स्थानीय लोगों ने इस कार्यक्रम के प्रति विरोध जताया । नशाविरोधी संघर्ष अभियान की ओर से यहां एक बैठक आयोजित की गई । इस समय अभियान के कार्यकर्ताओं ने नागरिकों को इस कार्यक्रम के समाज पर होनेवाले घातक परिणाम की जानकारी दी और प्रबोधन करने वाले पर्चे बांटे । अभियान की श्रीमती धनश्री केळशीकर ने इस समय नागरिकों को मार्गदर्शन किया ।

धर्मप्रेमी सर्वश्री सुनील तांदळेकर, अविनाश चावंडे, प्रशांत पाटील और विलास निकम सहित ३० स्थानीय नागरिक उपस्थित थे । ‘युवाओं को नशे की ओर ढकेलने वाला कार्यक्रम रद्द होना चाहिए’, ऐसी प्रतिक्रिया नागरिकों ने इस समय व्यक्त की ।

‘सनबर्न फेस्टिवल’ तत्काल बंद करें ! – वसई में आंदोलनकारियों की मांग

वसई-विरार महानगरपालिका कार्यालय के सामने ८ दिसंबर को ‘नशाविरोधी संघर्ष अभियान’ के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन करके विरोध किया । ‘हमारी संस्कृति और युवा शक्ति नष्ट करने की कोशिश करने वाले इस कार्यक्रम को तत्काल रद्द करें’, ऐसी मांग इस समय की गई ।

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