
रायपुर – छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने रायपुर के पुरानी बस्ती के तीन परिवारों को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर अपना जवाब देने को कहा है। बोर्ड का कहना है कि जिन मकानों में ये परिवार रह रहे हैं। वह जमीन वक्फ संपत्ति के दायरे में आती है।
नोटिस पाने वाले परिवारों का कहना है कि उनके पास सरकारी रजिस्ट्री, कर रसीदें और अन्य वैध दस्तावेज मौजूद हैं। वे कई दशकों से उसी संपत्ति पर रह रहे हैं और नियमित रूप से नगर निगम को कर अदा करते हैं। इन परिवारों ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड एकतरफा कार्रवाई कर विवाद को फिर से भड़काने की कोशिश कर रहा है।
अपने ही घर से बेदखल होने को मजबूर हिंदू!
वक्फ बोर्ड ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में 60-70 सालों से रह रहे हिंदू परिवारों को नोटिस जारी कर उनके घरों को वक्फ की संपत्ति बताया है।
हिंदुओं को दो दिन के भीतर कलेक्टर के सामने पेश होना होगा— या कार्रवाई का सामना करना होगा।
यही है वक्फ… pic.twitter.com/hjz6woAfyn
— Shivam Dixit (@ShivamdixitInd) October 24, 2025
दीवाली से एक दिन पहले नोटिस जारी होने के कारण भी लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि त्योहार से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई उन्हें डराने और दबाव बनाने का प्रयास है। बीजेपी नेता संदीप शर्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस नोटिस की जानकारी साझा की। इसके बाद से ही यह विवाद राजनीति के केंद्र में आ गया है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
परिवार अपने दस्तावेज दिखाए
छत्तीसगढ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डा. सलीम राज ने कहा कि नोटिस भेजना एक कानूनी प्रक्रिया है। परिवार के लोग अपना वैध दस्तावेज प्रशासन को दिखाए, हमारा मकसद किसी को बेदखल करना नहीं है। वक्फ की संपत्ति होगी तो उन्हें किराया देना होगा। उनके पास वैध दस्तावेज होंगे तो उनकी संपत्ति कही नहीं जाएगी।
साथ ही कहा कि यह जमीन आधिकारिक रिकॉर्ड में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है। राजस्व रिकार्ड और पुराने नक्शों से यह साबित होता है कि जमीन पर वर्षों से कब्जा किया गया है। इसीलिए संबंधित परिवारों को विधिवत नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
स्रोत : नई दुनिया








