
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के साथ ही लव जिहाद और आतंकवाद को रोकने के लिए बड़े कदम उठा रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हलाल सर्टिफिकेशन पर शिकंजा कस दिया है। गोरखपुर में आरएसएस के ‘दीपोत्सव से राष्ट्रोत्सव’ कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि बलरामपुर में बड़े पैमाने पर मतांतरण में लिप्त रहा छांगुर विदेशों से फंड लेने के साथ हलाल सर्टिफिकेशन के नाम पर मिले धन का उपयोग अनैतिक कार्य में कर रहा था।
VIDEO | In Lucknow, Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath said that the state government has completely banned Halal certification, stressing that no one in the state will now dare to sell or buy such products. He expressed astonishment that even common items like soaps,… pic.twitter.com/BbWIIcMnBl
— Press Trust of India (@PTI_News) October 21, 2025
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि, देश में ब्रिटिश उपनिवेश की तो काफी चर्चा होती है, फ्रांसीसी उपनिवेश की चर्चा होती है लेकिन “राजनीतिक इस्लाम” की चर्चा नहीं होती है। राजनीतिक इस्लाम ने सनातन आस्था पर सबसे ज्यादा कुठाराघात किया। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह, महाराणा प्रताप और महाराणा सांगा ने तो राजनीतिक इस्लाम के खिलाफ ही लड़ाई लड़ी थी। हमारे पूर्वजों ने राजनीतिक इस्लाम के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़ी, जिसकी चर्चा नहीं होती।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में आज भी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर जैसे लोग राजनीतिक इस्लाम को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। हमने छांगुर को जेल भेज दिया है। हलाल सर्टिफिकेशन उत्पाद के प्रदेश में बिक्री पर रोक लगाई गई है। हलाल उत्पाद खरीद से मिलने वाले रुपये से ही धर्मांतरण, लव जिहाद और आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। छांगुर और उसके गुर्गे इसमें शामिल थे। उन्होंने कहा कि हमने बलरामपुर के साथ ही आगरा से छांगुर के संगठित गिरोह पर शिकंजा कसा और बड़ी संख्या में मतांतरण पर अंकुश लगाया। छांगुर को हलाल सर्टिफिकेशन के नाम पर धोखाधड़ी करते पकड़ा और जेल भेजा गया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी लोगों ने विगत दिनों बलरामपुर जिले में जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के षड्यंत्रों का पर्दाफाश होते देखा। वह व्यक्ति कालनेमि बनकर पूरे क्षेत्र में षड्यंत्रों को अंजाम दे रहा था। जलालुद्दीन छांगुर बाबा के नाम से मतांतरण करवाता था। वह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में, अराजक गतिविधियों में लिप्त था। उसने रेट तय कर रखा था कि अगड़ी, पिछड़ी और अनुसूचित जाति की बालिकाओं के लिए कितना पैसा देगा।
प्रतिबंधित है हलाल सर्टिफिकेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि छांगुर के पास पैसा दूसरे देश से नहीं बल्कि अपने ही देश से आ रहा था। यह पैसा हलाल सर्टिफिकेशन के नाम का पैसा है। उन्होंने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि आप जब कोई सामान खरीदते हैं तो एक चीज जरूर देखिए कि उसमें हलाल सर्टिफिकेशन तो नहीं लिखा हुआ है। सरकार ने प्रदेश में हलाल सर्टिफिकेशन को प्रतिबंधित किया है।
उन्होंने कहा कि आश्चर्यजनक रूप से साबुन, कपड़े और यहां तक कि माचिस का भी हलाल सर्टिफिकेशन किया जा रहा था। इससे बड़ा झूठ और षड्यंत्र नहीं हो सकता, क्योंकि माचिस तो हलाल नहीं बल्कि झटका वाली है। झटके में ही जलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमने जब कार्रवाई शुरू की तो पता चला कि 25 हजार करोड़ रुपये देश के अंदर हलाल सर्टिफिकेट के होते हैं। भारत सरकार या राज्य सरकार की किसी भी एजेंसी ने इसे मानता नहीं दी है। हलाल सर्टिफिकेशन का सारा का सारा पैसा आतंकवाद के लिए, लव जिहाद के लिए, धर्मांतरण में दुरुपयोग होता है। इसी कारण उत्तर प्रदेश में इसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई प्रारंभ की है।
मुख्यमंत्री ने हलाल सर्टिफिकेशन को ग्राहकों के आर्थिक शोषण का जरिया बताया और दावा किया कि इसका इस्तेमाल आतंकवाद, लव जिहाद और धर्मांतरण जैसे षड्यंत्रों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि हलाल सर्टिफिकेशन वाले उत्पादों को न खरीदें और सिर्फ वही सामान खरीदें जिन पर उचित जीएसटी दिया गया हो।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोग सामान खरीदते समय अब यह जरूर जांचें कि उस पर हलाल सर्टिफिकेशन तो नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने साबुन और कपड़ों के हलाल सर्टिफिकेशन पर लगाम कसी है। उन्होंने कहा कि जब हमने जांच शुरू की तो पाया कि हलाल सर्टिफिकेशन के जरिए देश में हर वर्ष करीब 25 हजार करोड़ रुपये का लेन-देन हो रहा है, जबकि इसकी कोई सरकारी मान्यता नहीं है। प्रदेश में अब हलाल सर्टिफिकेशन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने साफ कहा कि अब कोई भी संस्था यूपी में हलाल सर्टिफिकेट लगाकर उत्पाद नहीं बेच सकेगी।
स्रोत : जागरण








