‘सुराज्य अभियान’ की भारत सरकार से मांग

मुंबई – देशभर में पिटबुल, रॉटवायलर, अमेरिकन बुली, डोगो अर्जेंटीनो जैसी हिंसक एवं आक्रामक कुत्तों की प्रजातियों को पाले जाने पर तीव्र चिंता व्यक्त की जा रही है । ऐसी प्रजातियों के कुत्तों ने छोटे बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों एवं सामान्य नागरिकों पर जानलेवा आक्रमण किए हैं । इस पृष्ठभूमि में, पिटबुल जैसी संकटकारी कुत्तों की प्रजातियों के स्वामित्व, प्रजनन एवं आयात पर प्रतिबंध लगाने की मांग हिन्दू जनजागृति समिति के एक उपक्रम ‘सुराज्य अभियान’ ने केंद्र सरकार से की है । ‘सुराज्य अभियान’ के महाराष्ट्र राज्य समन्वयक श्री. अभिषेक मुरुकटे ने केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह को इस संबंध में पत्र लिखा है ।
‘सुराज्य अभियान’ ने अपनी मांग में निम्नलिखित बिंदु भी समाहित किए हैं :
१. प्रतिबंधित प्रजातियों के सभी पशुओं को स्थानीय पशु कल्याण प्रणाली को एक निश्चित समय-सीमा के अंदर समर्पित करना अनिवार्य किया जाए।
२. इन प्रजातियों के कुत्तों को हिंसा का प्रशिक्षण देनेवालों या उनका उपयोग धमकी देने के लिए करनेवालों पर गंभीर आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए।
३. इन कुत्तों के अवैध स्वामित्व या आक्रामक व्यवहार के बारे में परिवाद करने के लिए एक सार्वजनिक हेल्पलाइन या आपातकालीन नंबर आरंभ किया जाए एवं उसका राष्ट्रव्यापी प्रचार किया जाए ।
४. गोवा विधानसभा द्वारा पारित विधेयक के अनुसार, राज्य सरकार को किसी भी प्रजाति या पशु वर्ग को ‘आक्रामक’ घोषित करने का अधिकार है । जिन प्रजातियों को अधिसूचना द्वारा घोषित किया जाएगा, उनका पालन, प्रजनन एवं आयात गोवा में पूरी तरह से बंद कर दिया गया है । यह नीति राष्ट्रीय स्तर पर कानून लागू करने के लिए एक आदर्श हो सकती है ।
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