संदेह

एक विद्यार्थी था । वह शंकाएं अधिक पूछता था । उसमें भी अनावश्यक शंका ही अधिक पूछता था । वह सदा गुरु को कहता था,‘‘मुझे ईश्वर का दर्शन शीघ्र करवाइए । Read more »

साधना से संचित और इच्छा का भी नाश होता है

विद्यारण्य स्वामीजी की आर्थिक परिस्थिति विकट (खराब) थी; इसलिए धनप्राप्ति के लिए उन्होंने गायत्री मंत्र के २४ पुनश्चरण किये; परंतु धनप्राप्ति नहीं हुई । Read more »

निष्काम भक्ति से प्रसन्न होकर ईश्वरद्वारा माया की अडचनें दूर करना

‘सुदामा श्रीकृष्ण से मिलनेके लिए गए । सुदामा की पत्नी ने सुदामा को श्रीकृष्ण से संपत्ति मांगने के लिए कहा था । Read more »