अपने गुरु का दर्द दूर करने के लिए ये शूरवीर शिष्य ले आया था शेरनी का दूध…

समर्थ गुरु रामदास स्वामी अपने शिष्यों में सबसे अधिक प्रेम छत्रपति शिवाजी महाराज से करते थे। शिष्य सोचते थे कि, शिवाजी महाराज राजा होने के कारण ही अधिक प्रिय है। समर्थ स्वामी ने शिष्यों का यह भ्रम दूर करने के बारे में विचार किया। Read more »

गोरक्षा हेतू सिंह के सामने स्वयं के देह की आहुति देनेवाला हिन्दुओं का पराक्रमी रघुवंशी राजा दिलीप

श्रीराम प्रभु के रघुवंश की यह प्रसिद्ध कथा है । श्रीराम से पहले रघुवंश में एक महान चक्रवर्ती सम्राट दिलीप हुए ! ये गोव्रत का आचरण करते हैं । Read more »

छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन का एक अद्भुत प्रसंग !

शिवाजी महाराजजी की उनके गुरु समर्थ रामदास स्वामी पर दृढ श्रद्धा थी । इसिलिए कठीन प्रसंग मे भगवान उनका रक्षण करते थे । एेसा ही एक प्रसंग प्रस्तुत कथा से देखेंगे । Read more »

अकबर के विरुद्ध धर्मयुद्ध पुकारनेवाले महाराणा प्रताप !

महाराणा प्रताप ने अकबर के साथ तीन बार युद्ध किया । इन तीनों युद्धों में अकबर महाराणा प्रताप को पराजित नहीं कर सका तथा उन्हें पकड भी नहीं सका । उनकी वीरता प्रतीत करनेवाला यह लेख… Read more »

छत्रपति शिवाजी महाराज आज भी चाहिए !

आज देश को युद्ध की सिद्धता करनेवाले, उसके अभ्यास एवं नियोजन का उत्तरदायित्व स्वयंपर लेनेवाले शिवाजी महाराज जैसे वीर राजाेआें की आवश्यकता है । Read more »

देश और धर्म के लिए प्राण न्यौछावर करनेवाली झांसी की रानी लक्ष्मीबाई !

झांसी की रानी लक्ष्मीबार्इ अपने साहस तथा शौर्य के लिए प्रसिद्ध है । उन्होंने अाखरी दम तक वीरता से शत्रू का सामना किया । प्रस्तुत लेख से उनकी शौर्य गाथा हम देखेंगे । Read more »

राजा शिबी !

शिबी राजा एक बहुत दयालू और न्यायी राजा था । उसके इस वृत्ती से उसने शरण में आए एक कबुतर के प्राण बचाने के लिए अपने प्राणों को अर्पित करने की सिद्धता दिखार्इ, यही कथा विस्तार से देखेंगे । Read more »

छत्रपति शिवाजी महाराज और रायरेश्वर गढ

केवल १६ वर्ष की आयु में ही छत्रपति शिवाजी महाराज ने स्वराज स्थापित करने की प्रतिज्ञा की । गिने-चुने मावलों में धर्मप्रेम की जागृति कर उन्हें लडना सिखाया और स्वराज की संकल्पना से उन्हें अवगत कराया । Read more »

स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज

आबाजी सोनदेव ने आगे बढकर शिवाजी महाराज को अभिवादन किया और सील-बंद कोशका संदूक प्रस्तुत करते हुए कहा, ‘‘आपके आशीर्वाद से हमने बीजापुर का यह कोश अपने अधिकार में ले लिया है । Read more »

अंतिम क्षण तक साथ देनेवाला महाराणा प्रताप का स्वामीनिष्ठ घोडा चेतक !

बालमित्रों, भारत के इतिहास में राजा महाराणा प्रताप का नाम अमर है । महाराणा प्रताप राजस्थान के शूरवीर एवं स्वाभिमानी राजा थे । Read more »