भगिनी निवेदिता – भारत के उत्थान कार्य हेतु सर्वस्व का त्याग करनेवाली विवेकानंद शिष्या !

भगिनी निवेदिता वर्ष १८९८ में भारत में आई तथा आयु के ४४ वे वर्ष में उन्होंने इस जगत्का त्याग किया । पारतंत्र के राजनेताओंद्वारा उन्हें कोई भी राज सम्मान प्राप्त नहीं हुआ; किंतु जनसामान्योंद्वारा उनका ‘विवेकानंद कन्या’ इस विशेषण से सम्मान किया गया । Read more »

गोवा मुक्ति अभियान के समय ऋण (कर्जा) लेकर जीवनयापन करनेवाले भाऊसाहब बांदोडकर !

गोवा मुक्ति अभियान मे भाऊसाहेब का बडश योगदान था । स्व. भाऊसाहेब बांदोडकरजी को गोवा मुक्ति अभियान चलाने के लिए बहुत पैसा व्यय करना पडा । उनके विषय में अधिक जानकारी प्रस्तुत लेख से पढेंगें । Read more »

नरवीर उमाजी नाईक : अंग्रेजी सत्ता के विरुद्ध गरजनेवाले वीरपुरुष क्रांतिकारी

जिनकेद्वारा ‘हम चोर नहीं अपितु क्रांतिकारी हैं’ ऐसा कडा संदेश अंग्रेजों को भेजकर एक देशव्यापी क्रांति का स्वप्न देखा गया एेसे महान क्रांतिकारी उमाजी नार्इक का संक्षिप्त इतिहास प्रस्तुत लेख से देखेंगे । Read more »

पू. गोलवलकर गुरुजी

पू. गोलवलकर गुरुजी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय अध्यक्ष थे । उन्होंने संघ के लि्ए दिया हुआ अपना महत्त्वपूर्ण योगदान इस लेख से हम देखेंगे । Read more »

अवंतीबाई लोधी – पराक्रमी, धैर्यशील स्वतंत्रताप्रेमी वीरांगना !

स्वतंत्रताप्रेमी वीरांगना अवंतीबाई लोधी एक पराक्रमी, धैर्यशील और प्रसंगावधानी स्त्री थीं । शौर्यमूर्ति रानी अवंतीबाईने राज्य का नेतृत्व संभालकर अपने साहस, धैर्य आणि प्रसंगावधान, इन गुणों का परिचय दिया । Read more »

निळकंठ कृष्णन् – पाकिस्तानी युद्धनौका ‘गाझी’की आखेट करनेवाले भारतीय नौकाधिपती !

पाकिस्तान की युद्धनौका गाझी को पानी में डूबा देने का सफल पराक्रम भारतीय नाविक दल ने किया । इस युद्धनीति में नौकाधिपती कृष्णन्का महत्त्वपूर्ण योगदान था । उनके विषय में इतिहास बतानेवाला यह लेख… Read more »

गुरु गोविंद सिंहजी – खालसा पंथ के संस्थापक

गुरु गोविंद सिंह सिख पंथ के १० वे गुरु थे । गुरु गोविंद सिंहने सब सिखों को संगठित कर धर्म के लिए मर-मिटनेवाले ५ शिष्यों को चुना, जिन्हें पंच प्यारे कहते हैं । Read more »

चंद्रशेखर आजाद

चंद्रशेखर आजाद का जन्म मध्यभारत के झाबुआ तहसील के भाबरा गांव में हुआ था । उनके पिता का नाम पंडित सीताराम तिवारी एवं माता का नाम जगदानीदेवी था । बनारस में संस्कृत का अध्ययन करते समय १४ वर्ष की आयु में उन्होंने कानूनभंग आंदोलन में योगदान दिया था । Read more »

बाबाराव सावरकर

क्रांतिवीर गणेश दामोदर तथा बाबाराव सावरकर स्वा. विनायक दामोदर सावरकरजी के बडे भाई । उन्होंने ही स्वा. सावरकर को पितृतुल्य प्रेम देकर, बहुत कष्ट भोगकर छोटे से बडा किया एवं क्रांतिकार्य में उनके बराबर सहभागी हुए । Read more »