बचपन से ही वीर, साहसी वृत्ती रहनेवाले लौहपुरुष सरदार वल्लभभार्इ पटेल !

‘भारत के लौह-पुरुष के नाम से सरदार वल्लभभार्इ पटेल जगप्रसिद्ध हुए । उनका जन्म ३१ अक्टूबर १८७५ को गुजरात के नडियाद गांव में हुआ था । Read more »

छ. शिवराय का महत्त्व जाननेवाले और लोकमान्य तिलक की सहायता करनेवाले रवींद्रनाथ टैगोर !

तिलकजी के स्वराष्ट्र प्रेम के विषय में रवींद्रनाथजी के मन में नितांत आदर था । तिलकजी के मन में भी रवींद्रनाथ की विद्वत्ता और कार्य के विषय में कोई संदेह नहीं था । Read more »

हिंदी भाषा की रक्षा हेतु स्वातंत्र्यवीर सावरकरद्वारा किए गए प्रयत्न

स्वातंत्र्यवीर सावरकरजी ने अपने क्रांतीकारी जीवनकार्य में भाषा की ओर भी ध्यान दिया । हिंदी भाषा की रक्षा के लिए कौन से प्रयत्न किए यह इस लेख से हम देखेंगे । Read more »

अंग्रेजों के विरोध में विद्रोह करनेवाले उमाजी नाईक !

‘भारतीय समाज में जिन्हें कनिष्ठ तथा अपराधी माना जाता है ऐसी ‘रामोशी’ नामक जाति में जन्में उमाजी नाईक थे । उनके विषय में संक्षिप्त जानकारी देखेंगे ! Read more »

तत्त्वनिष्ठ लोकमान्य तिलकजी !

लोकमान्य तिलक बचपन से ही अत्यंत बुद्धिमान विद्यार्थी थे । उन्होने अपने पिता से संस्कृत भाषा के पाठ पढे । उनके बचपन के कुछ प्रसंग हम यहा देखेंगे । Read more »

समय का महत्त्व

क्रांतिकारियों की मालिका में चापेकर बंधुओं का नाम बडे आदर से लिया जाता है । तीनों भाई देश को स्वतंत्र कराने के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदेपर लटके । Read more »

वस्तू अर्पित करते समय उसके मूल्य की अपेक्षा उस समय रखा गया भाव महत्त्वपूर्ण है ! – गुरु गोविंदसिंह

यमुना के पावन तटपर शिखों के दसवे एवं अंतिम गुरु गोविंदसिंह अपने अमृतवचनोंद्वारा श्रोतागणों के हृदय प्रफुल्लित कर रहे थे । Read more »

लालबहादुर शास्त्रीजी की तत्त्वनिष्ठता

श्री. लालबहादुर शास्त्रीजी कारावास में थे । कारागृह में कडा पहरा था । किसीसे भी मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही थी । कठोर प्रयासों के उपरांत उनकी माता रामदुलारी अथवा पत्नी ललितागौरी इनमें से किसी एक को उनसे मिलने की अनुमति मिल पाई । Read more »