लालबहादुर शास्‍त्रीजी की प्रामाणिकता !

हम लालबहादुर शास्‍त्रीजी की यह कथा सुनते हैं । इससे पहले हमने उनकी सरल जीवन पद्धति के बारे मे जान लिया था । आज हम उनके जीवन का एक प्रसंग देखते हैं, जिससे हमें प्रेरणा मिलेगी । शास्‍त्रीजी उनकी सत्‍यनिष्‍ठा और प्रामाणिकता के लिए जाने जाते हैं । Read more »

हिन्‍दू संस्‍कृतिका सम्‍मान करनेवाले स्‍वामी विवेकानंदजी !

स्‍वामी विवेकानंदजी शिकागो गए थे । वहां भी वे केसरिया वेशभूषा पहनते थे । स्‍वामीजी को देखकर कुछ व्‍यक्‍ति उनके सामने आए । वे स्‍वामीजी से बोले, ‘‘हैलो, हाऊ आर यू ?’’(Hello, how are you?) अर्थात आप कैसे हैं ? तब स्‍वामीजी ने हाथ जोडकर कहा, ‘‘नमस्‍कार !’’ Read more »

दानवीर भामाशाह !

एक समय ऐसा आया जब अकबर से लडते हुए महाराणा प्रताप को अपनी प्राणप्रिय मातृभूमि का त्‍याग करना पडा । इस समय महाराणा के सम्‍मुख सबसे बडी समस्‍या धन की थी । भामाशाह को जब महाराणा प्रताप के इन कष्टों का पता चला, तो उन्‍हें बहुत दुःख हुआ । उनके पास स्‍वयं का तथा पुरखों का कमाया हुआ अपार धन था । उन्‍होंने यह सब महाराणा के चरणों में अर्पित कर दिया । Read more »

धर्म के लिए प्राणों की आहुति देनेवाले जोरावरसिंह और फतेहसिंह

गुरु गोविंदसिंहजी मुगलों के साथ आजादी की लडाई लड रहे थे । जब युद्ध चल रहा था, तो ये दोनों लडके अपने पितासे बिछड गए । उस समय जोरावरसिंह केवल ८ वर्ष और फतेहसिंह केवल ५ वर्ष के थे । पिता से बिछडने पर इन्‍हें दुष्‍ट औरंगजेब के दुष्‍ट सूबेदार वजीरखान ने पकड लिया और बन्‍दी बना लिया । Read more »

बचपन से ही वीर, साहसी वृत्ती रहनेवाले लौहपुरुष सरदार वल्लभभार्इ पटेल !

‘भारत के लौह-पुरुष के नाम से सरदार वल्लभभार्इ पटेल जगप्रसिद्ध हुए । उनका जन्म ३१ अक्टूबर १८७५ को गुजरात के नडियाद गांव में हुआ था । Read more »

छ. शिवराय का महत्त्व जाननेवाले और लोकमान्य तिलक की सहायता करनेवाले रवींद्रनाथ टैगोर !

तिलकजी के स्वराष्ट्र प्रेम के विषय में रवींद्रनाथजी के मन में नितांत आदर था । तिलकजी के मन में भी रवींद्रनाथ की विद्वत्ता और कार्य के विषय में कोई संदेह नहीं था । Read more »

हिंदी भाषा की रक्षा हेतु स्वातंत्र्यवीर सावरकरद्वारा किए गए प्रयत्न

स्वातंत्र्यवीर सावरकरजी ने अपने क्रांतीकारी जीवनकार्य में भाषा की ओर भी ध्यान दिया । हिंदी भाषा की रक्षा के लिए कौन से प्रयत्न किए यह इस लेख से हम देखेंगे । Read more »

अंग्रेजों के विरोध में विद्रोह करनेवाले उमाजी नाईक !

‘भारतीय समाज में जिन्हें कनिष्ठ तथा अपराधी माना जाता है ऐसी ‘रामोशी’ नामक जाति में जन्में उमाजी नाईक थे । उनके विषय में संक्षिप्त जानकारी देखेंगे ! Read more »