ब्रिटीशपूर्व काल में भारत ज्ञानार्जन के, अर्थात शिक्षा के शिखर पर होना

‘भारत की ब्रिटीशपूर्व काल की शिक्षा उत्कर्ष साधनेवाली थी । इस सन्दर्भ में यूरोपियन यात्रियों एवं शासनकर्ताओं के निःसन्दिग्ध साक्ष्य उपलब्ध हैं । रामस्वरूप ने उनके Education System during Pre-BritishPeriod इस प्रबन्ध में इस विषय में चर्चा की है ।’ Read more »

रामराज्य में शिक्षा कैसी थी ?

श्रीराम ने स्वतंत्र शिक्षा देकर घरघर में श्रीराम निर्मित किए थे ! रामराज्य में आर्थिक योजनाओें के साथ ही उच्च कोटिका राष्ट्रीय चरित्र भी निर्मित किया जाता था । उस समय के लोग निर्लाेभी, सत्यवादी, सरल, आस्तिक एवं परिश्रमी थे । आलसी नहीं थे । Read more »

ईश्वर के नाम में ही खरा सुख

बालको, यदि मन को सन्तुष्ट रखना है, तो मन को नामपर केन्द्रित करें । चिन्ता करने से किसी प्रश्न का हल नहीं निकलता । Read more »

शिक्षा से निम्न बातें साध्य होने पर ही उसे खरी शिक्षा कह सकते हैं !

शिक्षा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्जन करना है । ‘सा विद्या या विमुक्तये ।’ अपने दुःख समाप्त कर निरंतर आनन्द प्राप्त करने का ज्ञान जिस से प्राप्त होता है, उसे ही विद्या कहना चाहिए । Read more »

युवको, ‘फ्रेंडशिप डे’ समान पाश्‍चात्त्य विकृति पर बलि न चढे !

अगस्त माह के प्रथम रविवार को युवा वर्गद्वारा ‘फ्रेंडशिप डे’ मनाया जाता है । क्या वास्तव में कोई एक बैंड बांधकर मैत्री में वृद्धि होती है ? Read more »

राष्ट्र एवं धर्म से दूर जा रहे विद्यार्थी बंधुओं को अब भारत माता की रक्षा के तत्पर होना आवश्यक है ।

आज हमारे भारत देश में हो रहे अनुचित प्रकार एवं घटनाआे का हमें अंतर्मुख होकर विचार करने की आवश्यकता है । इसी विषय को लेकर प्रस्तुत यह लेख… Read more »

अभ्यास की पद्धति कैसे विकसित करेंगे ?

वर्तमान समय में अभ्यास की तकनीक लडकों एवं अभिभावकों को ज्ञात होना आवश्यक है । इस लेख से अभ्यास की आसान तकनीकी कैसे विकसित करे, यह देखेंगे । Read more »

अभ्यास में मन एकाग्र करने के लिए क्या करें ?

अभ्यास करते समय मन न लगना यह बहुतसे विद्यार्थीयों का प्रश्न रहना है । प्रस्तुत लेखसे अभ्यास में एकाग्रता लाने के लिए क्या कर सकते है यह जानकारी दी है । Read more »