ईश्वर के नाम में ही खरा सुख

बालको, यदि मन को सन्तुष्ट रखना है, तो मन को नामपर केन्द्रित करें । चिन्ता करने से किसी प्रश्न का हल नहीं निकलता । Read more »

शिक्षा से निम्न बातें साध्य होने पर ही उसे खरी शिक्षा कह सकते हैं !

शिक्षा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्जन करना है । ‘सा विद्या या विमुक्तये ।’ अपने दुःख समाप्त कर निरंतर आनन्द प्राप्त करने का ज्ञान जिस से प्राप्त होता है, उसे ही विद्या कहना चाहिए । Read more »

मित्रो, आपका आदर्श कौन हो ?

राष्ट्रद्रोह करनेवालों को अपना आदर्श मानना, उनके राष्ट्रद्रोही कृत्यों का समर्थन करने समान है । इसिलिए हमे भक्त प्रहलाद, बालक ध्रुव, संत ज्ञानेश्वर आदि थोर विभूतीयों का आदर्श रखकर आचरण करना चाहिए । Read more »

समय का व्यवस्थापन

समय का व्यवस्थापन, अर्थात स्वयं का व्यवस्थापन । इससे आपकी कार्यक्षमता बढती है ! समय की योजना बनाते समय आगे निम्नांकित बातोंपर ध्यान देना चाहिए । Read more »

वाचन करते समय अपने नेत्रों के स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखें ?

‘पढोगे तो बचोगे’ ये कहावत आपने सुनी ही होगी ।पढते समय आगे दी गई बाते ध्यान में रखने छोटी-छोटी बीमारियां टाल सकते हैं। पढते समय ध्यान कैसे रखें । Read more »

बच्चो, नियोजन कुशलता सीखें एवं अपना जीवन आनंदमय बनाएं !

‘नियोजन का महत्त्व समझने हेतु उदाहरण के रूप में हम श्याम एवं राम के अनुक्रम से नियोजन का अभाव तथा सुयोग्य नियोजन के कारण उसका परिणाम क्या हुआ, यह देखेंगे । Read more »

संगणकीय खेल : माया के अंतर्गत माया

संगणक तथा इससे उत्पन्न होनेवाले दुष्परिणामों को देखें तो विश्वामित्र की प्रतिसृष्टि के प्रयत्नों का ही स्मरण होता है’, यदि ऐसा कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी । Read more »