ब्रिटीशपूर्व काल में भारत ज्ञानार्जन के, अर्थात शिक्षा के शिखर पर होना

‘भारत की ब्रिटीशपूर्व काल की शिक्षा उत्कर्ष साधनेवाली थी । इस सन्दर्भ में यूरोपियन यात्रियों एवं शासनकर्ताओं के निःसन्दिग्ध साक्ष्य उपलब्ध हैं । रामस्वरूप ने उनके Education System during Pre-BritishPeriod इस प्रबन्ध में इस विषय में चर्चा की है ।’ Read more »

मार्कंडेय ऋषि कथा

मार्कंडेय ऋषि भगवान शिवजी के उपासक थे । मार्कंडेयजी ने कडी तपस्या से शिवजी को प्रसन्न कर दीर्घायु प्राप्त की । यही कथा हम विस्तृत स्वरुप मे देखेंगे । Read more »

नैतिक तत्त्वों का आदर्श

आयुर्वेद के प्रणेता महर्षि चरक औषधि वनस्पतियों की खोज में अपने शिष्यगणों के साथ जंगलों में, खाई-चोटियों में घूम रहे थे । महर्षि चरक ने नैतिक तत्त्वों का पालन कर अपने शिष्यगणों के सामने एक आदर्श खडा कर के अपनी महानता कैसे सिद्ध की, इसका यह कथा से हम देखेंगे । Read more »

असुरों के विनाश हेतु सर्वस्व का त्याग करनेवाले ऋषि दधीचि !

वृत्रासुर का नाश करने के लिए दधीचि ऋषि ने अपने प्राण सहजता से दे दिए । इससे ध्यान में आता है कि ऋषि मुनि कितने महान थे। Read more »