भारत के इस्लामीकरण की एक झलक – हिंदुओं के लिए कब्रिस्तान बनता जा रहा है मेवात (हरियाणा)

वर्तमान में, पूरे भारत को पाकिस्तान में परिवर्तित करने का प्रयास चल रहा है; लेकिन कुछ क्षेत्रों में, यह प्रक्रिया तेज गति से चल रही है; ऐसी ही एक जगह है हरियाणा में दिल्ली के पास स्थित ‘मेवात’ । आज मेवात के हिन्दुओं के साथ वही हो रहा है जो बांग्लादेश या पाकिस्तान के हिन्दुओं के साथ हो रहा है। हिन्दू युवा लड़कियों और महिलाओं का अपहरण किया जाता है, परिवर्तित किया जाता है और बाद में कुछ मुस्लिमों के साथ जबरन निकाह किया जाता है, हिन्दुओं को जबरन धर्मांतरित किया जाता है, हिन्दू व्यापारियों से पैसे की मांग की जाती है, उनके मंदिरों और श्मशानों की जमीन ली जाती है, बांग्लादेशी घुसपैठियों को बसाया जाता है, हिन्दुओं को झूठे मामलों में फंसाया जाता है। ऐसी घटनाएं हर दिन हिन्दुओं को डराने के लिए की जाती हैं। हिन्दुओं को छोटी-छोटी बातों के लिए प्रताड़ित किया जाता है।

मेवात का इतिहास

देशकी राजधानी देहलीसे केवल ६० किलोमीटरकी दूरीपर मेवात प्रांत है । गुडगांवसे अलवर मार्गपर आगे जानेके पश्चात सोहना नामक गांवके बाद मेवात क्षेत्र आरंभ होता है । मेवात क्षेत्र हरियाना, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश राज्यमें फैला हुआ है । मेवात पहले गुडगांव जनपदका हिस्सा था । ४ मई २००४ को मेवातको स्वतंत्र जनपद बनाया गया तथा नूंहको जनपदके मुख्यालयका स्तर दिया गया । मेवात जनपदका क्षेत्रफल १ सहस्र ७८४ वर्ग किलोमीटर है । मेवात जनपदमें कुल मिलाकर छह तहसील हैं । पुन्हाना, फिरोजपुर, झिटका, नगीना, नूंह, तावडु तथा हथिन । मेवात एक मुसलमानबहुल क्षेत्र है । यहां मेव मुसलमानोंका प्रभाव है । पहले मेव हिन्दू ही थे । मेव एक जाति है । अभी भी कुछ मेव हिन्दू हैं । १४ वें शतकमें तुगलक वंशकी कालावधिमें मेवातके लोगोंको बलप्रयोगद्वारा मुसलमान बनाया गया । किंतु ये लोग अनेक वर्षोंतक अपनी सांस्कृतिक पहचान बचानेमें यशस्वी हुए थे; किंतु १९२० के उपरांत विशेषरूपसे शरीयत अधिनियम (ऐक्ट) १९२७ के उपरांत धर्मांध संगठनोंद्वारा इन लोगोंको अपने रंगमें रंगनेका प्रयास आरंभ किया गया । इसका दुष्परिणाम यह हुआ कि यहां स्थित मुसलमान पाकिस्तानकी मांगका समर्थन करने लगे; किंतु जब पाकिस्तान हुआ, उस समय यहांके अत्यल्प मुसलमान पाक गए ।

मेवात में प्रताडित किए जा रहा है हिन्दू !

विश्व हिन्दू परिषद के उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट

मेवात (हरियाणा) में हिन्दू समाज पर हो रहे अत्याचारों की जांच करने के लिए विश्व हिन्दू परिषद ने एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था इस समिति में मेजर जनरल (सेवानिवृत) जीडी बख्शी, स्वामी धर्मदेव व एडवोकेट चंद्रकांत शर्मा थे।  विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डा. सुरेंद्र जैन के नेतृत्व में मुख्यमंत्री मनोहर लाल मिले प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें अपनी रिपोर्ट सौंपे, जिनके आधार पर विहिप नेता ने दावा किया हैं कि मेवात में लंबे समय से हिन्दुओं  के धर्मांतरण की गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। विहिप के प्रतिनिधिमंडल में अन्य सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल थे।

मेवात के 103 गांव ऐसे मिले, जो हिन्दूविहीन हो चुके हैं। मेवात के 84 गांव ऐसे हैं, जहां हिन्दुओं के पांच से कम परिवार ही बचे हैं।

– विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डा. सुरेंद्र जैन

रिपोर्ट के अहम तथ्य

  • संपूर्ण मेवात में हिन्दू विरोधी व राष्ट्र विरोधी षडयंत्र हो रहा है।
  • प्रताडना के कारण हिन्दुओं का पलायन होता रहा है।
  • 25 वर्षों में 50 गांव हिन्दू विहीन हो चुके हैं।
  • हिन्दू महिलाओं से दुष्कर्म आम है।
  • हिन्दुओं की व्यक्तिगत, सार्वजनिक व मंदिरों की जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं।
  • हिन्दुओं के धार्मिक प्रतीकों का अपमान हो रहा है।
  • विरोध करने पर सैंकडों जिहादियों की भीड हमला करती रही है।
  • सोशल मीडिया पर राष्ट्र व हिन्दू विरोधी पोस्ट चलती है।
  • संतों के साथ मारपीट की जा रही है। पुन्हाना व नगीना खंडों में अत्याचार अधिक हैं।
  • हिन्दुओं को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा है।
  • कट्टरपंथियों के पैसे से मस्जिदों का निर्माण आम है।

पवन कुमार की अगुवाई वाली 4 सदस्यीय जॉंच समिति की रिपोर्ट

क्या हरियाणा का मेवात मिनी पाकिस्तान है ? यह सवाल पूर्व जस्टिस पवन कुमार की अगुवाई वाली 4 सदस्यीय जॉंच समिति की रिपोर्ट से खडी हुई है। यह रिपोर्ट बताती है कि मुस्लिम बहुल मेवात कैसे हिन्दुओं खासकर हिन्दुओं के लिए कब्रिस्तान बनता जा रहा है। महिलाओं को अगवा करना, दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन की कई घटनाएं वैसे ही सामने आए हैं, जैसी खबरें पाकिस्तान से आती रहती है।

हरियाणा श्री वाल्मीकि महासभा ने इस कमिटी का गठन किया था। इससे संबंधित एक प्रेस विज्ञप्ति विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी ट्वीट की है।

जब ऑपइंडिया ने इस संबंध में पूर्व न्यायधीश पवन कुमार से संपर्क किया, तो कई बातें निकलकर सामने आई। पूर्व न्यायाधीश ने बताया कि मेवात में समुदाय विशेष (बहुसंख्यक आबादी) का अल्पसंख्यकों पर अत्याचार इतना भीषण है कि जिले के करीब 500 गांवों में से 103 गांव ऐसे हैं जो हिन्दूविहीन हो चुके हैं। 84 गांव ऐसे हैं जहां अब केवल 4 या 5 हिन्दू परिवार ही शेष हैं।

पूर्व न्यायाधीश पवन कुमार इस संबंध में बताते हैं कि वह हिन्दुओं पर अत्याचार के मामले में जांच के लिए स्वयं मेवात गए थे। यहां उन्होंने 48 पीड़ितों को पूछताछ के लिए बुलाया। लेकिन, स्थानीय हिन्दुओं में समुदाय विशेष के लोगों की इतनी गहरी दहशत है कि इनमें से केवल 19 लोग ही उनके पास आए। इनमें से कुछ स्वयं पीड़ित थे और कुछ पीड़ितों के परिजन। यहां उन्होंने स्वंय उनसे बातचीत की, उनके बयान रिकॉर्ड किए।

पवन कुमार कहते हैं कि इन लोगों से बातचीत करने के बाद उन्हें मालूम चला कि मेवात में हिन्दुओं की स्थिति बेहद बुरी है। वहां लड़कियों से बलात्कार, वधुओं का अपहरण, धर्मांतरण, हिन्दुओं से मारपीट की घटनाएं आम हो गई है।

आइए देखते है मेवात में हुए हिन्दुओं पर अत्याचारों की कुछ घटनाएं

1. साल 2017 में हरियाणा का मेवात मॉडल स्कूल चर्चा में आया था। उस समय इस स्कूल पर आरोप लगा था कि यहां पर हिन्दू छात्रों को धर्म परिवर्तन और नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाया जाता है। इतना ही नहीं, ऐसा करने से मना करने पर यहां पर छात्रों को मारने-पीटने का मामला भी सामने आया था। पूरे मुद्दे के तूल पकड़ने के बाद जिलाधिकारी ने टीचर मोइनुद्दीन और वार्डन आरिफ को सस्पेंड कर दिया था। वहीं एक अन्य अध्यापक का इस मामले के उजागर होने के बाद तबादला किया गया था।

स्कूल प्रशासन से जुड़े इन लोगों पर आरोप लगाने वाले एक पीड़ित छात्र ने इस संबंध में बताया था कि उसे नमाज पढ़ने के लिए मेवात मॉडल स्कूल के हॉस्टल में थप्पड़ खाने पड़े। वहीं उसके साथ अन्य दो लड़कों को भी ऐसा व्यवहार झेलना पड़ा।

2. साल 2018 में एक 16 साल की लड़की ने मेवात जिले के नूंह में आत्महत्या कर ली। पड़ताल हुई तो पता चला कि इस आत्महत्या से पहले 8 लड़कों ने उसका अपहरण करके कुछ दिन पहले रेप किया था। ऐसे घृणित कुकर्म को अंजाम देकर वह उसे खून से लथपथ हालात में उसके घर के बाहर छोड़ गए। पड़ताल में यह भी पता चला कि आरोपित गांव के रसूखदार परिवार से थे। जिन्होंने रेप की शिकायत दर्ज होते ही पीड़िता के परिवार पर केस वापस लेने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था।

3.साल 2018 में ही मेवात के नगीना खंड गांव मोहालका से दलित परिवार पर जानलेवा हमला करने की बात सामने आई थी। जांच में मालूम चला था कि गांव में रहने वाले किशन के परिवार पर इस्लाम नाम का युवक लंबे समय से धर्म परिवर्तन का दबाव डाल रहा था। लेकिन जब किशन के परिवार ने इससे इंकार किया तो इस्लाम, तौफीक, मोसिम, अतरु, असमीना ने उसके परिवार पर लाठी डंडों व सरिया से जानलेवा हमला कर दिया और जातिसूचक शब्दों से संबोधित कर उन्हें अपमानित भी किया।

4. ऐसे ही से 2 साल पहले एक दलित लड़की के धर्म परिवर्तन, रेप, अपहरण का भी मामला आया था। जिसमें जांच से मालूम हुआ था कि परिवार से नाराज होकर एक लड़की अपने घर से निकली और बाद में लापता हो गई। परिजनों ने उसके गुमशुदगी की रिपोर्ट भी कराई। लेकिन उसका कुछ मालूम नहीं चला। बाद में खोजबीन हुई तो पता चला कि एक फरजाना नाम की महिला उसे अपने साथ ले गई थी। यहां उसने लड़की को न केवल मुस्लिम नाम दे दिया था। बल्कि कथित तौर पर उसे नमाज पढ़वाकर गौंमास भी खिलाया और बाद में इस्लाम नाम के व्यक्ति को 40 हजार में बेचने की कोशिश की। मगर, बाद में परिस्थितियां ऐसी बनी कि मामला पुलिस तक पहुंचा और बच्ची ने दबाव में आकर सबकुछ बता दिया। ( रिपोर्ट के अनुसार घटना में पीड़िता मेवात की ही दलित थी और फरजाना उसे स्टेशन पर मिली थी। )

5. हरियाणा के मेवात में साल 2018 में ही एक नाबालिग से साथ दुष्कर्म की चौंकाने वाली घटना सामने आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो नूंह के भंडका में घटी इस घटना में पुलिस ने 14 वर्षीय लड़की के घर में घुसकर उसके साथ रेप करने के आरोप में असलम को गिरफ्तार किया था। जबकि बाकी दोनों उस समय तक पकड़ में नहीं आए थे। बच्ची के पिता ने बताया था कि उनकी बच्ची घर में सोई हुई थी। तभी असलम और दो अन्य लड़के आए और मुंह में कपड़ा डालकर उसका रेप करने लगे। जब लड़की के पिता घर में आए तो उन्होंने असलम को रेप करते देखा और फिर शोर मचाकर उसे पकड़वा दिया।

6.साल 2019 में मेवात की जमीन पर लव जिहाद का मुद्दा चर्चाओं में आया था। इस दौरान मालूम चला था कि जिहाद के नाम पर एक महिला पर हमला हुआ। वहां दो मुस्लिम युवकों आकिल खान और राशिद ने पहले लड़की का अपहरण किया। फिर उसपर जादू-टोना करवाया और बाद में धर्म परिवर्तन करवा दिय़ा। इस घटना के सामने आने के बाद शहर में जगह-जगह तनाव बढता दिखा था और प्रदर्शनकारियों ने गुरुग्राम अलवर नेशनल हाइवे को 11 घंटे तक जाम कर दिया था।

7. इसके बाद साल 2020 की फरवरी में मेवात के तावडू स्थित एक गांव में एक शादीशुदा महिला के साथ कई महीनों तक गैंगरेप की घटना सामने आई थी। महिला ने दरिंदों के चंगुल से छूटने के बाद पांच युवकों पर अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस दौरान पीडि़ता ने कहा था कि उसे नशीले पदार्थ देकर गैंगरेप होता था और विरोध करने जाने से मारने की धमकी व अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकिया मिलती थीं।

8. सबसे हाल ही का मामला देखिए, बीते दिनों हरियाणा के मेवात जिला स्थित पुन्हाना में मुक्तिधाम आश्रम के प्रमुख महंत रामदास महाराज के साथ मुस्लिम बहुल इलाके में कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर बदसलूकी, मारपीट और जान से मारने की नीयत से हमला करने का मामला सामने आया था। महंत के समर्थन में आए हिन्दूवादी संगठनों ने ऑपइंडिया से बातचीत में बताया था कि बुधवार (अप्रैल 29, 2020) की सुबह महंत रामदास महाराज पर आरोपितों ने तथाकथित धार्मिक भावनाओं के आहत होने को निशाना बनाते हुए अभद्र धार्मिक टिप्पणियां की। साथ ही इलाके के सभी साधु-संतों को पुन्हाना से भगा देने की धमकी भी दी थी।

मेवातको पाकिस्तान होनेसे बचाएं !

श्री. अरुण कुमार सिंह ने नवंबर २०१२ के ब्यौरेके आधारपर मेवात को किस प्रकार से पाकिस्तान बनाया जा रहा है, इसका वर्णन किया है ।

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प्रमुख मांगे

  • मेवात में मौजूद अधिकारियों की जगह निष्पक्ष अधिकारियों की नियुक्ति हो।
  • हिन्दुओं पर अत्याचार के मामले में संबंधित थाना प्रभारी को जिम्मेदार ठहराया जाए।
  • अर्ध सैनिक बलों का केंद्र बनाकर यहां तैनाती की जाए।
  • अवैध धन व हथियारों की एनआइए से जांच करवाई जाए।
  • बांग्लादेशियों व रोहिंग्या की घुसपैठ की जांच की जाए।
  • जांच कमेटी के सदस्य स्वामी धर्मदेव ने बताया कि हमने मेवात से जुडे कई प्रमुख लोगों से मुलाकात की। उन लोगों की मदद ली, जिन्हें मेवात में जारी गतिविधियों की बारीक जानकारी थी। तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में सही तथ्य सामने रखे हैं।