होली की पौराणिक कथा

होली त्यौहार मनाने के पिछे हिरण्यकश्यप और उसकी बहन होलिका की कथा अत्यधिक प्रचलित है। यह कथा विस्तार से देखेंगे । Read more »

जलप्रदूषण अर्थात नदियोंपर अत्याचार !

मानवने पर्यावरण मे हस्तक्षेप कर के पृथ्वी का संतुलन बिघाड दिया है । इसी का एक हिस्सा है जलप्रदूषण । मानव से होनेवाले नदियोंपर अत्याचार प्रस्तुत लेख से हम देखेंगे । Read more »

नारियल पूर्णिमा

नारियल पूर्णिमापर समुद्र के किनारे रहनेवाले लोग वरुणदेव हेतु समुद्र की पूजा कर, उसे नारियल अर्पण करते हैं । इस दिन अर्पित नारियल का फल शुभसूचक होता है एवं सृजनशक्तिका भी प्रतीक माना जाता है । Read more »

पर्यावरण

अपने आसपास का वातावरण अर्थात् पर्यावरण ! पर्यावरण में प्रकृतिद्वारा संतुलित की जाती है । पर्यावरण मनुष्य का हस्तक्षेप बढने से, उसी प्रकार उसकी स्वार्थी एवं नियोजनशून्य वृत्ति के कारण संतुलन बिगड जाता है । Read more »

गुढीपाडवा

‘इस दिन ब्रह्मदेवने सृष्टि का निर्माण किया । आदर्श जीवनयापन करनेवाले प्रभू श्रीरामद्वारा दुष्ट वाली का वध भी इसी दिन किया गया था ।’ मित्रो, यह इस दिन का महत्त्व है ! हमें भी इस दिन अनिष्ट कृत्यों का विनाश कर आदर्श जीवन का आरंभ करना चाहिए । Read more »

दत्त जयंती

भगवान दत्तात्रेय की उपासना करने का अर्थ उनके समान प्रत्येक मनुष्य एवं वस्तु से सदा सीखना तथा सीखने का निश्चय करना होता है ! दत्त जयंती के निमित्त हम भगवान दत्तात्रेय के विषय में शास्त्रीय ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करेंगे । Read more »

दीपावली

दीपावली अर्थात दीप + आवली । इस दिन सर्वत्र पंक्तिबद्ध दीपक लगाए जाते हैं । दीपावली आनंदी जीवन का प्रारंभ । हम जिस पद्धति से दीपावली मनाते हैं, उससे अन्यों को आनंद हो, ऐसी प्रत्येक कृति करना, यही खरी दीपावली है ! Read more »