दीपावली के निमित्त से सात्त्विक रंगोलियां !

कृष्णतत्त्व की रंगोलि : १३ ते १७ बिंदु लक्ष्मीतत्त्व की रंगोलि : ११ बिंदु ११ रेखाएं संदर्भ : सनातन-निर्मित लघुग्रंथ, ‘सात्त्विकरंगोलियां’

दीपावली में की जानेवाली सात्त्विक एवं धर्माभिमान जागृत करनेवाली कृतियां

मित्रों, दीपावली का त्यौहार मौज मस्ती करने के लिए न होकर अपनी धर्म एवं संस्कृति की रक्षा करने के लिए तथा अन्यों को आनंद देने के लिए है । Read more »

नवरात्रि

हम सब आनंदमय हों और आदर्शमय जीवन व्यतीत करें, इस हेतु ईश्वरने उत्सवों की निर्मिति की है; अपितु वर्तमान में ये सर्व उत्सव शास्त्र के अनुसार एवं योग्य पद्धति से कैसे मनाएं और उसका शास्त्र हमें ज्ञात नहीं, इसलिए त्यौहार एवं उत्सव में अनेक अनुचित प्रकार चल रहे हैं । Read more »

नव वर्ष ३१ दिसंबर को नहीं, अपितु गुढीपाडवा को मनाकर हिंदु संस्कृति की रक्षा करें !

अपनी हिंदू संस्कृति के अनुसार हम संवत्सरारंभपर नववर्ष क्यों मनाते हैं, यह ज्ञात है न ? वह इसलिए कि इस दिन ब्रह्मदेवने सृष्टि की रचना की थी । इसीलिए इस दिन हम नया वर्ष मनाते हैं । Read more »

मित्रो, प्रदूषणमुक्त नवरात्र उत्सव कैसे मनाए ?

अनेक लोग देवी का मखर (मंडप) बनाने के लिए थर्माकोल का उपयोग करते हैं । थर्माकोल पानी में विसर्जित नहीं होता और अग्निविसर्जन करने से वायुप्रदूषण होता है । इस हेतु थर्माकोल का उपयोग टालें । Read more »

श्री गणेश चतुर्थी

श्री गणेश चतुर्थी पर नित्य की तुलना में पृथ्वीपर श्री गणेशतत्त्व १ हजार गुना अधिक कार्यरत रहता है । श्री गणेश चतुर्थी के दिन मिट्टी का गणपति बनाते हैं । श्री गणेश चतुर्थी काल में की गई श्री गणेशोपासना से श्री गणेशतत्त्व का लाभ अधिक होता है । Read more »

गणपति को तुलसी न चढ़ाने का कारण

पौराणिक कारण : ‘एक अतिसुंदर अप्सरा को उत्तम पति की इच्छा थी । इसके लिए वह सदा उपवास, जप, व्रत, तीर्थयात्रा आदि करती थी । एक बार जब उसने ध्यानमग्न गणपति को देखा, तो उसे वे भा गए । Read more »

श्री गणेश पूजन में प्रयुक्त विशेष वस्तुएं एवं उनका शास्त्रीय आधार

लाल रंग के कारण वातावरण से गणपति के पवित्रक मूर्ति में अधिक मात्रा में आकृष्ट होते हैं व मूर्ति के जागृतिकरण में सहायता मिलती है । क्यूंकि यह समझना कठिन है, इसलिए ‘गणपति को लाल वस्त्र व रक्तचंदन प्रिय हैं’, ऐसा कहकर यह विषय प्राय: समाप्त कर दिया जाता है । Read more »

होली

धर्मशिक्षा न मिलनेसे प्रत्येक त्यौहार क्यों एवं कैसे मनाना चाहिए, उसके पीछे क्या शास्त्र है, यह हमें ज्ञात नहीं है; इसलिए हमारे त्यौहारोंमें अनेक अनाचार होते हैं । यह अनाचार रोकनेके लिए प्रत्येक हिंदू बच्चेको धर्मशिक्षा लेना आवश्यक है । Read more »

विद्यार्थी मित्रो, गणेशजी का होनेवाला अनादर रोककर उनकी कृपा संपादन करने के लिए प्रयत्नरत हों !

मित्रो, गणपति अपने आराध्य देवता हैं । गणपति बुद्धीदाता होनेसे विद्यार्थियोंके जीवनमें उनका विशेष महत्त्व है । हम गणपतिकी पूजा करते हैं । वे हमें ज्ञान तथा आनंद प्रदान करते हैं । Read more »