मित्रो, प्रदूषणमुक्त नवरात्र उत्सव कैसे मनाए ?

अनेक लोग देवी का मखर (मंडप) बनाने के लिए थर्माकोल का उपयोग करते हैं । थर्माकोल पानी में विसर्जित नहीं होता और अग्निविसर्जन करने से वायुप्रदूषण होता है । इस हेतु थर्माकोल का उपयोग टालें । Read more »

श्री गणेश चतुर्थी

श्री गणेश चतुर्थी पर नित्य की तुलना में पृथ्वीपर श्री गणेशतत्त्व १ हजार गुना अधिक कार्यरत रहता है । श्री गणेश चतुर्थी के दिन मिट्टी का गणपति बनाते हैं । श्री गणेश चतुर्थी काल में की गई श्री गणेशोपासना से श्री गणेशतत्त्व का लाभ अधिक होता है । Read more »

श्री गणेश पूजन में प्रयुक्त विशेष वस्तुएं एवं उनका शास्त्रीय आधार

लाल रंग के कारण वातावरण से गणपति के पवित्रक मूर्ति में अधिक मात्रा में आकृष्ट होते हैं व मूर्ति के जागृतिकरण में सहायता मिलती है । क्यूंकि यह समझना कठिन है, इसलिए ‘गणपति को लाल वस्त्र व रक्तचंदन प्रिय हैं’, ऐसा कहकर यह विषय प्राय: समाप्त कर दिया जाता है । Read more »

गणपति को तुलसी न चढ़ाने का कारण

पौराणिक कारण : ‘एक अतिसुंदर अप्सरा को उत्तम पति की इच्छा थी । इसके लिए वह सदा उपवास, जप, व्रत, तीर्थयात्रा आदि करती थी । एक बार जब उसने ध्यानमग्न गणपति को देखा, तो उसे वे भा गए । Read more »

होली

धर्मशिक्षा न मिलनेसे प्रत्येक त्यौहार क्यों एवं कैसे मनाना चाहिए, उसके पीछे क्या शास्त्र है, यह हमें ज्ञात नहीं है; इसलिए हमारे त्यौहारोंमें अनेक अनाचार होते हैं । यह अनाचार रोकनेके लिए प्रत्येक हिंदू बच्चेको धर्मशिक्षा लेना आवश्यक है । Read more »

विद्यार्थी मित्रो, गणेशजी का होनेवाला अनादर रोककर उनकी कृपा संपादन करने के लिए प्रयत्नरत हों !

मित्रो, गणपति अपने आराध्य देवता हैं । गणपति बुद्धीदाता होनेसे विद्यार्थियोंके जीवनमें उनका विशेष महत्त्व है । हम गणपतिकी पूजा करते हैं । वे हमें ज्ञान तथा आनंद प्रदान करते हैं । Read more »

पटाखे जैसे विकृत प्रथा को नष्ट करना ही वास्तव में सच्ची एवं खरी दीपावली !

दीपावली में हम देवताओं के छायाचित्रवाले पटाखे फोडते हैं । जिस समय हम पटाखे फोडते हैं, उस समय उस छायाचित्र के टुकडे होते हैं, अर्थात हम उस देवता का अनादर ही करते हैं । इसे रोकना यही खरी दीपावली है । Read more »

बच्चो, शास्त्रोक्त पद्धतिनुसार देवी की भावपूर्ण उपासना कर नवरात्र उत्सव मनाएं !

भक्तिद्वारा स्वयं में विद्यमान देवीतत्त्व जागृत कर राष्ट्र रक्षा हेतु सिद्ध होना एवं अधिक से अधिक भावपूर्ण उपासना कर देवी की कृपा संपादन करना, वास्तव में यह नवरात्रोत्सव ! Read more »