श्री गणेशोत्सव में बच्चों का सहभाग किस प्रकार होना चाहिए ?

विद्यार्थी अर्थात निरंतर ज्ञान ग्रहण करने के लिए प्रयास करनेवाला । विद्या ग्रहण करनी है, तो विद्यापति श्री गणपति की कृपा संपादन किए बिना हम ज्ञान ग्रहण नहीं कर सकते । Read more »

रक्षाबंधन

रक्षाबंधन अर्थात् भाई-बहन के बीच राखी बांधने-बंधवाने का त्यौहार । भविष्यपुराण अनुसार रक्षाबंधन मूलतः राजाओं का था; अब इसे सभी लोग मनाते हैं । Read more »

नागपंचमी

श्रावण शुक्ल पंचमी के दिन नागपंचमी का त्यौहार मनाया जाता है । इस दिन नागपूजा करने की परंपरा है । प्राचीन काल से ही हिंदु धर्म में नागपूजा के संदर्भ में उल्लेख पाया जाता है, जो भारत के विभिन्न क्षेत्रों में की जाती है । Read more »

अपने जीवन में गुरु का महत्त्व !

अपने देश की विशेषता अर्थात् गुरु-शिष्य परंपरा । गुरु ही हमें अज्ञान से बाहर निकालते हैं । गुरु हमारे जीवन के विकारों का अज्ञान दूर कर आनंमय जीवनयापन कैंसे करें, वह हमें सिखाता है । आर्इए हमारे जीवन मे गुरु का कितना महत्त्व है यह प्रस्तुत लेख से देखते है । Read more »

हनुमान जयंती

जब भी दास्यभक्ति का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण देना हो, तो आज भी हनुमान की रामभक्ति का स्मरण होता है । प्रभु राम की सेवा की तुलना में शिवत्व एवं ब्रह्मत्व की इच्छा भी उन्हें कौडी के मोल लगती । हनुमान अर्थात् शक्ति एवं भक्ति का संग । Read more »

संवत्सरारंभ (नववर्ष)

इसवी सन् १ जनवरी से, आर्थिक वर्ष १ अप्रैल से, हिंदू वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से, व्यापारी वर्ष कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से, शैक्षणिक वर्ष जून से आरंभ होता है । सौर वर्ष, चंद्र वर्ष व सौर-चांद्र वर्ष (लूनी सोलर), इन वर्षों के भी अलग-अलग वर्षारंभ है । Read more »

होली एवं रंगपंचमी के समय अनुचित कृतियां न करें !

होली अर्थात् दुष्प्रवृत्ति तथा अमंगल विचारों का नाश कर, सत्प्रवृत्ति का मार्ग दिखानेवाला उत्सव । होली मनाने में उदात्त भावना यह है कि, अग्नि में वृक्षरूपी समिधा अर्पण करने से वातावरण की शुद्धि हो । Read more »

महाशिवरात्रि

निम्नलिखित लेख में शिवजी की जानकारी, उनका कार्य, उनकी उपासनापद्धति तथा शिवजी की भक्ति करने से होनेवाले लाभ इत्यादि के विषय में सूत्र देखेंगे । Read more »