‘राष्ट्रवाद के महानतम पुरोधाओं में एक’ इस प्रकार वर्णित बिपिनचंद्र पाल

‘राष्ट्रवाद के महानतम पुरोधाओं में एक’ इस प्रकार से वर्णित बिपिनचंद्र पाल, भारत के राजनैतिक इतिहास में लोकमान्य तिलक तथा लाल लाजपत राय के साथ किए गए सहयोग के कारण स्वतंत्रता संग्राम से जुड गए थे । Read more »

‘पुण्यश्लोक’ अहिल्याबाई होलकर

मराठों के इतिहास में अनेक पराक्रमी सरदार हुए हैं । उनमें से होलकर घराने की अहिल्याबाई का नाम आज भी अनेकों के मुखपर हैं । अहिल्याबाई को ‘पुण्यश्लोक’ भी कहा जाता है.. Read more »

देशभक्‍त डॉ. नारायण दामोदर सावरकर !

देशभक्त नारायणका जन्म २५ मई, १८८८ को हुआ । सावरकर प्रारंभसे ही सुखी संपन्न घरानेके थे; परंतु एकपर एक आकस्मिक संकटों तथा आपत्तियोंके कारण उनका बचपन अत्यंत कष्टों एवं विषम परिस्थितियोंमें बीता । Read more »

स्वा. सावरकरजीद्वारा मार्सेलिस में लगाई गई विश्वविख्यात छलांग !

स्वा. सावरकरको अंग्रेजोंने लंदनमें बंदी बनाया । अगला अभियोग हिंदुस्तानके न्यायालयमें चलाने हेतु उन्हें ‘मोरिया’ नामक जलयानपर पुलिसके पहरेमें चढा दिया गया । यात्रामें जलयान फ्रांसके मार्सेलिस बंदरगाहपर रुका । ८ जुलाई १९१० की Read more »

स्वांतत्र्यवीर सावरकर

हमारे देश से अंग्रेजों का राज हटाने के लिए अनेक देशभक्तों ने प्रयत्न किए । इन देशभक्तों में एक गुट था, सशस्त्र क्रांतिवीरों का । इन क्रांतिवीरों में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, सेनापति तात्या-साहेब टोपे…. Read more »