श्रीवल्लभाचार्य

भक्तिकालीन सगुणधारा की कृष्णभक्ति शाखा के आधारस्तंभ तथा पुष्टिमार्ग के प्रणेता श्रीवल्लभाचार्यजी का जन्म संवत १५३५, वैशाख कृष्ण एकादशी के दिन काशी के निकट दक्षिण भारत के कांकरवाड ग्राम मे हुआ । उन्हें अग्नि का अवतार कहा गया है । वे वेदशास्त्रों में प्रवीण थे । Read more »

श्री स्वामी समर्थ !

दत्त संप्रदाय में श्रीपाद श्रीवल्लभ तथा नृसिंह सरस्वती दत्तात्रेय के पहले तथा दूसरे अवतार माने जाते हैं । श्री स्वामी समर्थ ही नृसिंह सरस्वती हैं अर्थात दत्तावतार हैं । Read more »

संत सावता माली

संत सावता माली संत ज्ञानदेव के समय के एक प्रसिद्ध संत थे । उनका जन्म इ. स. १२५० का है तथा उन्होंने इ. स. १२९५ में देह त्यागी । अरण-भेंड यह सावतोबा का गांव है । सावता माली के दादाजी का नाम देवु माली था, वे पंढरपुर के वारकरी थे । Read more »

संत तुकाराम : भागवत धर्म मंदिर का कलश !

मराठी भक्ति परंपरा में अनन्य साधारण स्थान रखनेवाले संत तुकाराम महाराजने संसार के सर्व सुख-दुःखों का सामना साहस से कर अपनी वृत्ति विठ्ठलचरणों में स्थिर की । भागवत धर्म मंदिर का कलश अर्थात संत तुकाराम महाराज की जानकारी देनेवाला यह लेख … Read more »

गणतंत्र दिवस

राष्ट्राभिमान एवं राष्ट्रप्रेम जागृत करनेवाले कृत्य तथा आदर्श गणराज्य बनें इस हेतु की जानेवाली मांगें इस लेख में बताई गई हैं । वैसे कृत्य करने से ही आदर्श गणराज्य आएगा तथा तभी हम खरे अर्थमें देशके लिए, अर्थात हमारे लिए क्रांतिकारियों के किए बलिदान का ऋण चुका सकते हैं । Read more »

डॉ. हेडगेवार : एक असामान्य व्यक्तित्व

हमारे समाज का पुनरुत्थान करने हेतु विशाल जनसमुदाय को एकत्रित लाने के लिए आद्य सरसंघचालक डॉ. हेडगेवार का कठोर प्रयास था । इसमें उनका किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं था । Read more »

चंद्रशेखर आजाद

चंद्रशेखर आजाद का जन्म मध्यभारत के झाबुआ तहसील के भाबरा गांव में हुआ था । उनके पिता का नाम पंडित सीताराम तिवारी एवं माता का नाम जगदानीदेवी था । बनारस में संस्कृत का अध्ययन करते समय १४ वर्ष की आयु में उन्होंने कानूनभंग आंदोलन में योगदान दिया था । Read more »

बाबाराव सावरकर

क्रांतिवीर गणेश दामोदर तथा बाबाराव सावरकर स्वा. विनायक दामोदर सावरकरजी के बडे भाई । उन्होंने ही स्वा. सावरकर को पितृतुल्य प्रेम देकर, बहुत कष्ट भोगकर छोटे से बडा किया एवं क्रांतिकार्य में उनके बराबर सहभागी हुए । Read more »

दादाभाई नौरोजी

४ सितंबर, १८२५ को दादाभाई नौरोजी का जन्म मुंबई में हुआ था। उनकी शिक्षा यहां के ‘नेटिव एजुकेशन सोसाइटी’ नामक संस्था की पाठशाला में हुई ।अपनी शिक्षा पूर्ण करनेपर वे एलफिन्स्टन महाविद्यालय में गणित के अध्यापक के रूप में काम संभाला । Read more »

हुतात्मा भगतसिंह

सरदार भगतसिंह, राजगुरु, सुखदेव, बटुकेश्वर दत्त एवं भगवतीचरण वोरा आदि स्वतंत्रता सेनानी ‘हिंदुस्थान सोशलिस्ट रिपब्लिकन असोसिएशन’ संघटना के सभासद थे । Read more »