प्रार्थना : ईश्वर को प्रसन्न करने का सरल मार्ग !

prathana_Inner_Banner_H_

ईश्वर के चरणों में शरणागत होकर इच्छित वस्तु उत्कंठा से एवं याचना के स्वरूप में मांगने को`प्रार्थना’ कहते हैं । प्रार्थना करनेसे ईश्वर का आशीर्वाद, शक्ति एवं चैतन्य का लाभ होता है । प्रार्थना से चिंता कम होती है, ईश्वर के प्रति श्रद्धा बढती है एवं मन एकाग्र होता है । प्रार्थना से अनिष्ट शक्तियों से रक्षा होती है ।

प्रतिदिन करने योग्य कुछ प्रार्थनाएं

स्नानपूर्व की जानेवाली प्रार्थना : `हे जलदेवता, आपके पवित्र जल से मेरा देह शुद्ध हो तथा अंतःकरण निर्मल हो । आपका चैतन्य मुझे ग्रहण हो ।’

अभ्यासपूर्व की जानेवाली प्रार्थना : `हे विघ्नहर्ता एवं बुद्धिदाता श्री गणेशजी, मेरे अभ्यास में आनेवाली अडचनें दूर कीजिए । मेरा अभ्यास उत्तम होने हेतु आप मुझे सद्बुद्धि एवं शक्ति दीजिए ।’

अन्न ग्रहण के पूर्व की जानेवाली प्रार्थना : `हे अन्नपूर्णामाता, यह अन्न आप के चरणों में अर्पण कर आपके `प्रसाद’ के रूप में मुझसे ग्रहण होने दें । इस प्रसाद से मुझे शक्ति एवं चैतन्य प्राप्त हो ।