मृत्युंजयाय रुद्राय नीलकण्ठाय शम्भवे ।
अमृतेशाय शर्वाय महादेवाय ते नमः ॥
अर्थ : जिन्होंने मृत्यु पर विजय प्राप्त कर लिया है, जिनसे असुर भयभीत होते हैं, जिनका कंठ नीला है, जो कल्याणकारी, अमृत के स्वामी और मंगलमय हैं, ऐसे सब देवों के देव भगवान शंकर को मैं वंदन करता हूं ।
विघ्न हरने के लिए की जानेवाली श्रीगणेश की प्रार्थना
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