यस्य स्मरणमात्रेण जन्मसंसारबन्धनात् ।
विमुच्यते नमस्तस्मै विष्णवे प्रभविष्णवे ॥
अर्थ : जिन्होंने संपूर्ण विश्व की रचना की है, जिनके स्मरण मात्र से मनुष्य जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्त हो जाता है, ऐसे श्री विष्णु को मैं बार-बार नमस्कार करता हूं ।
विघ्न हरने के लिए की जानेवाली श्रीगणेश की प्रार्थना
भगवान श्रीकृष्ण की प्रार्थनास्वरूप श्लोक
श्रीरामरक्षास्तोत्र में हनुमानजी की प्रार्थना से युक्त प्रसिद्ध श्लोक
श्री देवी का श्लोक
भगवान शिव से प्रार्थना
श्री सूर्यदेव से प्रार्थना