भास्कराचार्यजीने अपने (दूसरे) ‘सिद्धांतशिरोमणि’ ग्रंथमें गुरुत्वाकर्षणके विषयमें लिखा है कि, ‘पृथ्वी अपने आकाशका पदार्थ स्व-शक्तिसे अपनी ओर खींच लेती हैं । इस कारण आकाशका पदार्थ पृथ्वीपर गिरता है’ । इससे सिद्ध होता है कि, उन्होंने गुरुत्वाकर्षणका शोध न्यूटनसे ५०० वर्ष पूर्व लगाया ।
भारत में मैकाले के आने से पहले ब्रिटेन में अंग्रेजोंद्वारा भारतीय शिक्षाप्रणाली अपनाने का प्रयास
भगवान परशुराम
हिंदुस्तानका गौरवशाली वैज्ञानिक इतिहास !
संपूर्ण विश्वके गणितज्ञोंको विस्मयचकित करनेवाला ‘वैदिक गणित’ !
परमाणुशास्त्रके जनक आचार्य कणाद !
कर्करोग प्रतिबंधित करनेवाला पतंजलीऋषिका योगशास्त्र !