अभ्यास में मन एकाग्र करने के लिए क्या करें ?

अभ्यास आरंभ करने से पूर्व अपने इष्ट देवता का पांच से दस मिनट नामजप करें । बुदि्ध के देवता गणपति एवं विद्या की देवी सरस्वती को अच्छा अभ्यास होने के लिए एवं उनका स्मरण बना रहेने के लिए प्रार्थना करें कि ‘हे विघ्नहर्ता, बुदि्धदाता श्रीगणेशजी एवं श्री सरस्वतीदेवी, मेरे अभ्यास में आनेवाली बाधाएं दूर कीजिए । मेरा अभ्यास अच्छा होने के लिए आप मुझे सद्बुदि्ध एवं शाक्ति दें ।’

प्रतिदिन एक विशिष्ट स्थानपर अभ्यास करने हेतु बैठना अधिक अच्छा होता है । मन एवं शरीर स्फूर्ति से भरे रहें, इसके लिए कठिन लगनेवाले विषयों का अभ्यास विशिष्ट समयपर करना उचित होता है । अभ्यास के स्थानपर अगरबत्ती लगाने से वातावरण अच्छा बनने में सहायता होती है । अभ्यास के लिए ऐसा स्थान चुनें, जहां पर्याप्त प्रकाश एवं संभव हो, तो अन्य कोलाहल अथवा बातचीत न सुनाई दे । अभ्यास भलीभांति पूरा होनेपर, इसके लिए श्रीगणपति एवं सरस्वतीदेवी के चरणों में कृतज्ञता व्यक्त करें ।

संदर्भ : सनातन-निर्मित-ग्रंथ, ‘अध्ययन कैंसे करें? ‘