शिवाजी महाराज की गुरुभेंट

समर्थ रामदास स्वामीजी की ख्याति सुननेपर छ.शिवाजी महाराज को उनके दर्शन की लालसा निर्माण हुई । उनसे मिलने के लिए वे कोंढवळ को गए । वहां भेट होगी इस आशा से सायंकालतक रुके, तब भी महाराज की स्वामीजी से भेंट नहीं हुई । Read more »

टेंबेस्वामी : श्री वासुदेवानंद सरस्वती

इनको श्री टेंबेस्वामीजीके नामसे भी जाना जाता है । इनका वास्तविक नाम वासुदेव था; पिताजीका नाम गणेशभट्ट, माताजीका नाम रमाबाई और दादाजीका नाम हरीभट्ट था । Read more »

गुणों का महत्‍व

एक राजा था, जिसका नाम रामधन था । उसके राज्‍य का कामकाज आराम से चल रहा था । राजा के नैतिक गुणों के कारण प्रजा भी प्रसन्‍न थी । राजा के राजकुमार का नाम नंदनसिंह था । अत्‍यधिक लाड-प्‍यार ने नंदनसिंह को बिगाड दिया था । वह अत्‍यंत जिद्दी हो गया था । राजा ने उसे गुरु राधागुप्‍त के आश्रम भेज दिया । Read more »