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गुरुपूर्णिमा महोत्सव 2025

गुरुवार, 10 जुलाई 2025

गुरु शक्ति प्रदान करते हैं, और उसी शक्ति से
हम धर्म की रक्षा करेंगे!

संपूर्ण विश्व युद्ध की दिशा में बढ रहा है। भारत में भी जिहादी आतंकवादी हिन्दुओं की हत्या कर भारत को युद्ध हेतु उद्युक्त कर रहे हैं। ध्यान रहे, ‘युद्धकाल’ में हर नागरिक सैनिक होता है। श्रीराम, श्रीकृष्ण जैसे अवतारों से लेकर छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप को भी जनता पर हो रहे अन्याय नष्ट करने के लिए युद्ध करना पड़ा। उस कार्य में उन्हें गुरुपरंपरा का भी मार्गदर्शन मिला। इससे स्पष्ट होता है कि राष्ट्र की रक्षा के लिए भी गुरु-शिष्य परंपरा आवश्यक है। इसलिए इस वर्ष ‘हिन्दू जनजागृति समिति’ ने राष्ट्रप्रेम बढानेवाली गुरुपूर्णिमा मनाने का संकल्प किया है। इस उत्सव में अपनी क्षमता अनुसार सम्मिलित हों तथा गुरुपरंपरा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें !

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July 10, 2025, 5.00 PM

July 10, 2025, 8.30 PM

July 10, 2025, 8.00 PM

July 10, 2025, 6.30 PM

कार्यक्रम का स्वरूप

कार्यक्रम का स्वरूप

गुरुपौर्णिमा महोत्सव के स्थल

धर्मदान करें एवं हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के कार्य में अपना योगदान दें !

हिन्दू जनजागृति समिति हमारी संस्कृति, परंपरा, राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा के लिए विविध प्रभावी अभियानों के माध्यम से निरंतर कार्यरत है । इस पुण्य कार्य में अपना योगदान देकर आप भी इस दिव्य अभियान में सहभागी हों !

इस गुरुपूर्णिमा पर आइए यह संकल्प लें
“मैं हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए सक्रिय रूप से कार्य करूंगा ।”

‘हिन्दू एकता ही हिन्दू राष्ट्र की पहली सीढी है !

गुरुपूर्णिमा का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए आवश्यक प्रयास

गुरुमंत्र का या कुलदेवता का अधिकाधिक नामजप करना
गुरुपूर्णिमा महोत्सव में सम्मिलित होकर अधिकाधिक सत्सेवा करना
सेवा के अंतर्गत प्रत्येक कृति भावपूर्ण व परिपूर्ण होने के लिए प्रार्थना व कृतज्ञता व्यक्त करना
गुरुकृपा पाने के लिए आवश्यक गुण, तीव्र मुमुक्षुत्व; अर्थात गुरुप्राप्ति के लिए तीव्र उत्कंठा, आज्ञापालन, श्रद्धा व लगन बढाने का दृढ निश्चय करना
गुरुकार्य के लिए धन अर्पण करना
गुरु को अपना सर्वस्व अर्पण कर देना ही खरी गुरुदक्षिणा है, यह ध्यान में रखना और वैसी कृति करने के लिए प्रयास करना
कालानुसार उचित साधना कर जीवन को सार्थक करना

गुरुपूजन

आषाढ पूर्णिमा को गुरुपूर्णिमा कहते हैं । गुरुके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु प्रत्येक गुरु के शिष्य इस दिन उनकी पाद्यपूजा करते हैं एवं उन्हें गुरुदक्षिणा अर्पण करते हैं । गुरुपूर्णिमा मनाने का उद्देश्य केवल गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना नहीं होता । इस दिन गुरु का कृपाशीर्वाद तथा उनसे प्रक्षेपित होनेवाला शब्दातीत (शब्दों के परे) ज्ञान सामान्य से सहस्र गुना अधिक होता है ।

वीडियो

गुरु शिष्य का अनमोल नाता
गुरु के प्रति श्रद्धा का महत्त्व !
गुरु आज्ञापालन कैसे करें ?
गुरु आज्ञापालन में ही शिष्य का कल्याण
शिष्य के मन में गुरु के प्रति कैसा भाव हो ?
गुरु के प्रति श्रद्धा होने से शिष्य में कौनसे गुण निर्माण होते हैं ?
गुरु भाग्य से मिलते है या कर्म से? क्या नामजप से प्रारब्ध बदलना संभव है?

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