Pasaydan – by Saint Dnyaneshwar

Aata vishwatmake deve |
yene wagyadnye toshave |
toshoni maj dnyave |
pasaayadaan he ||

आता विश्वात्मकें देवें ।
येणे वाग्यज्ञें तोषावें ।

तोषोनिं मज ज्ञावे ।
पसायदान हें ॥

Je khalanchi vyankati sando |
taya satkarmi rati wadho |
bhuta paraspare pado |
maitra jeevache ||

जें खळांची व्यंकटी सांडो ।
तया सत्कर्मी
रती वाढो ।
भूतां परस्परे पडो ।
मैत्र जीवाचें ॥

Duritanche timir javo |
vishwa swadharme surye paho |

jo je wanchil to te laho |
praanijaat ||

दुरितांचे तिमिर जावो ।
विश्व स्वधर्म सूर्यें पाहो ।

जो जे वांच्छिल तो तें लाहो ।
प्राणिजात ॥

Varshat sakal mangali |
ishwarnisthanchi maandiyaali ||
anavarat bhumandali |
bhetatu bhuta ||

वर्षत सकळ मंगळी ।
ईश्वरनिष्ठांची मांदियाळी ।

अनवरत भूमंडळी ।
भेटतु भूतां ॥

Chala kalpatarunche aarava |
chetana chintamaninche gaava |
bolate je arnav |
piyushache ||

चलां कल्पतरूंचे आरव ।
चेतना चिंतामणींचें गाव ।

बोलते जे अर्णव ।
पीयूषाचे ॥

Chandrame je alanchan |
martand je tapahina |
te sarvaahi sada sajjana |
soyare hotu ||

चंद्र्मे जे अलांछ्न ।
मार्तंड जे तापहीन ।

ते सर्वांही सदा सज्जन ।
सोयरे होतु ॥

Kimbahuna sarv sukhi |
purn houni tinhi loki |
bhajijo aadipurukhi |
akhandit ||

किंबहुना सर्व सुखी ।
पूर्ण होऊनि तिन्हीं लोकी ।

भजिजो आदिपुरुखी ।
अखंडित ॥

Aani granthopajiviye |
visheshi loki iye |
drushtaadrusta vijaye |
hoave ji ||

आणि ग्रंथोपजीविये ।
विशेषीं लोकीं इयें ।

दृष्टादृष्ट विजयें ।
होआवे जी ।

Yeth mhane Shri Vishvesharaao |
ha hoil daan pasaavo |
yene vare dynaandevo |
sukhiyaa jhaalaa ||

येथ म्हणे श्री विश्वेशराओ ।
हा होईल दान पसावो ।

येणें वरें ज्ञानदेवो ।
सुखिया झाला ॥

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