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मातृदिन के उपलक्ष्य में…

हमारी भारतीय संस्कृति में, ‘मातृदेवो भव । पितृदेवो भव । आचार्यदेवो भव ।’, अर्थात माता, पिता एवं गुरु को देवता समान माना गया है । इसमें भी मां को प्रथम स्थानपर रखा गया है । आर्इए प्रस्तुत लेख से मां की महत्ता देखेंगे । Read more »

बच्चों में राष्ट्र एवं धर्म के प्रति अभिमान कैसे निर्माण करें ?

वर्तमान में हम यदि बच्चों का अवलोकन करें तो ध्यान में आता है कि बच्चों में राष्ट्र तथा धर्म के प्रति अभिमान का अत्यंत अभाव है । यदि यह स्थिति ऐसी ही रहती है तो राष्ट्र का विनाश होने में समय नहीं लगेगा । अत: हमें बच्चों में राष्ट्राभिमान निर्माण करने हेतु प्रयास करने ही होंगे । Read more »

आज प्रत्येक को जीजामाता का आदर्श लेना आवश्यक है !

‘छत्रपति शिवाजी ने हिंदवी राज्य की, अर्थात आदर्श हिंदू राष्ट्र की स्थापना की । हिंदू राष्ट्र निर्माण हो, इसकी जन्मघुट्टी जीजामाता ने उन्हें बाल्यवस्था में ही पिलाई थी । Read more »

आदर्श अभिभावक

जो अपने बच्चे को उसमें स्थित दोष दूर कर उसमें सदगुण लाने हेतु सहायता करता है, वास्तवमें वही अभिभावक । वर्तमान में अभिभावक की परिभाषा क्या होती है ? Read more »

अभिभावक अपने बच्चों के साथ किस प्रकार के व्यवहार करें ?

१. बच्चे पर अपना अधिकार नहीं जमाएं; अपितु उनके साथ मित्रता का व्यवहार करें ।
२. प्रत्येक कृत्य करने के लिए प्रेम से कहें । Read more »

अभिभावकों के कर्तव्य कौनसे हैं ?

ई.स. १९५० में बालक एवं युवा बच्चों के संबंध में मिड सेंच्युरी वाईट हाऊस परिषद में विद्यमान सभासदोंद्वारा ली गई शपथ में समाविष्ट अभिभावकों के मुख्य कर्तव्य एवं बच्चों को दिए आश्वासन आगे दिए अनुसार हैं । Read more »

अभिभावकों, बच्चों को अनुशासित करने के लिए प्रतिदिन निम्न कृति करें !

बच्चे अनुकरणप्रिय होते हैं । जन्म से ही वे अपने मां-पिता का सतत निरीक्षण करते हैं । इस कारण अधिकांश बच्चों के चलने, बोलने एवं आचरण करने का पद्धति अपने माता-पिता के समान होती है । Read more »

अभिभावकों, सुसंस्कारित पीढी का निर्माण करें !

हमारा बच्चा सुसंस्कारित हो, ऐसी प्रत्येक अभिभावक की इच्छा होती है; मात्र उसके लिए इस दृष्टि से ध्यानपूर्वक प्रयत्न करना, यह उनका कर्तव्य बनता है । आपके बच्चेपर सुसंस्कार करते हुए हम भारत का भावी नागरिक बना रहे हैं, ऐसा Read more »

यदि आपको लगता है कि ‘आपके बच्चे आदर्श बच्चे बनें’ तो…..

यदि आपको लगता है कि ‘आपके बच्चे आदर्श बच्चे बनें’ तो ‘जैसी कथनी वैसी करनी’, इस संतवचन की भांति हम पालकों को भी आदर्श प्रस्तुत करना होगा । Read more »