भगोड़ा बिजनेसमैन मेहुल चोकसी डोमिनिका में गिरफ्तार, भारत को किया जाएगा प्रत्यर्पित

पीएनबी के 13,500 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले में वाँछित भगोड़े व्यवसायी मेहुल चोकसी का पता डोमिनिका में चला है और उसे स्थानीय पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। कुछ दिनों पहले चोकसी एंटीगुआ और बारबूडा से लापता हो गया था। डोमिनिका कैरेबियन सागर में एक छोटा सा द्वीप राष्ट्र है।

एंटीगुआ पुलिस ने उसकी हिरासत के लिए डोमिनिका में पुलिस से संपर्क किया है। इंटरपोल द्वारा ‘येलो कॉर्नर’ नोटिस जारी किए जाने के बाद डोमिनिका में मेहुल चोकसी का पता लगाया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि इंटरपोल ने सीबीआई को सूचित किया है कि डोमिनिका में मेहुल चोकसी का पता लगा लिया गया है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि चोकसी नाव के जरिए एंटीगुआ और बारबूडा से डोमिनिका पहुँचा।

उधर डोमिनिका मेहुल चोकसी को भारत प्रत्यर्पित करने के लिए सहमत हो गया है, जिससे इस भगोड़े बिजनेसमैन को भारत लाए जाने की सँभावनाएँ बढ़ गई हैं। एंटीगुआ के पीएम गैस्टन ब्राउन ने एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “… डोमिनिका (मेहुल चोकसी के प्रत्यावर्तन के लिए) सहमत हो गया है। हम उसे वापस स्वीकार नहीं करेंगे … डोमिनिकन सरकार और कानून प्रवर्तन सहयोग कर रहे हैं, और हमने भारत सरकार को उसे भारत वापस लाने के लिए सूचित किया है।”

लापता होने जितनी ही नाटकीय रही मेहुल चोकसी की गिरफ्तारी

मेहुल चोकसी का लापता होना जितना नाटकीय था उतनी ही नाटकीय उसकी गिरफ्तारी भी रही। डोमिनिका में हिरासत में लिए जाने के बाद स्थानीय पुलिस के अनुसार, पंजाब नेशनल बैंक में 13,500 करोड़ रुपये की लोन धोखाधड़ी मामले में वाँछित चोकसी को डोमिनिका की राजधानी रोसेउ में केनफील्ड समुद्र तट पर समुद्र में कुछ दस्तावेजों को फेंकते हुए देखा गया था। उसकी संदिग्ध हरकत ने ड्यूटी पर मौजूद कुछ पुलिस अधिकारियों का ध्यान खींचा जो उसके पास गए। जब उन्होंने देश आने का उसका उद्देश्य पूछा, तो उसने स्पष्ट रूप से जवाब देने से इनकार कर दिया।

अब, पेशेवर स्कूबा गोताखोरों को उन दस्तावेजों की तलाश में समुद्र को छानने के लिए तैनात किया गया है जिनसे उसने छुटकारा पाने की कोशिश की थी। शुरुआती पूछताछ के दौरान यह पता चला है कि चोकसी नाव से डोमिनिका में दाखिल हुआ था और कुछ देर रुकने के बाद उसने क्यूबा जाने की योजना बनाई थी।

कथित तौर पर 62 वर्षीय भगोड़े व्यवसायी को स्थानीय लोगों ने रविवार शाम करीब 5 बजे एंटीगुआ के जॉली हार्बर इलाके में गाड़ी चलाते हुए देखा था, जहां वह लापता होने से पहले डिनर के लिए गया था।

क्यों है मेहुल चोकसी की तलाश?

मेहुल चोकसी जनवरी 2018 से एंटीगुआ और बारबूडा में रह रहा था। वह और उसका भाँजा नीरव मोदी सरकारी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से कथित तौर पर 13,500 करोड़ रुपये के सार्वजनिक धन की हेराफेरी करने के लिए लेटर ऑफ अंडरटेकिंग का इस्तेमाल करने के मामले में वाँछित हैं।

नीरव मोदी कई बार जमानत खारिज होने के बाद लंदन की जेल में है और भारत में अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। वहीं मेहुल चोकसी जनवरी 2018 के पहले सप्ताह में भारत से भागने से पहले निवेश कार्यक्रम के जरिए नागरिकता का उपयोग करके 2017 में एंटीगुआ और बारबूडा की नागरिकता ले ली थी। बाद में यह घोटाला सामने आया। अब दोनों सीबीआई जाँच का सामना कर रहे हैं।

मेहुल चोकसी के अचानक लापता होने के बाद, एंटीगुआ और बारबूडा के प्रधान मंत्री गैस्टन ब्राउन ने एक बयान में कहा कि अधिकारी भारत सरकार, पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन के साथ मिलकर उसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “उनके परिवार के किसी व्यक्ति ने संकेत दिया कि वह लापता है। तब से एंटीगुआ और बारबूडा की रॉयल पुलिस फोर्स ने इस आशय का एक बयान जारी किया। उस बयान को इंटरपोल के साथ साझा किया जाएगा।”

मेहुल चोकसी के खिलाफ एंटीगुआ में चल रहे दो केस

मेहुल चोकसी के खिलाफ एंटीगुआ और बारबूडा में दो मामले चल रहे हैं। एक भारत में उसके प्रत्यर्पण से संबंधित है और दूसरा उसकी नागरिकता के आधिकारिक रूप से रद्द किए जाने से संबंधित है। चोकसी ने इन मामलों में अपना प्रतिनिधित्व करने के लिए यूनाइटेड किंगडम से एक प्रसिद्ध वकील को लाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेहुल चोकसी को आखिरी बार रविवार को उसकी कार में देखा गया था। पुलिस ने तलाशी के बाद वाहन तो बरामद कर लिया था लेकिन चोकसी नहीं मिला था।

इस बीच, मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने एक बयान में कहा, “मैंने परिवार से बात की है। परिवार खुश और राहत महसूस कर रहा है कि आखिरकार मेहुल चोकसी का पता चल गया है। उससे बात करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि कोई स्पष्ट रूप से जान सके। तस्वीर कैसे उसे डोमिनिका ले जाया गया।”

डोमिनिका में दिखा मोदी सरकार की वैक्सीन मैत्री का असर

भारत ने इसी साल फरवरी में 72 हजार की आबादी वाले कैरेबियाई देश डोमिनिका को 35000 कोविड वैक्सीन भेजी थीं। भारत द्वारा भेजी गई इन वैक्सीन को रिसीव करने एयरपोर्ट पर खुद डोमिनिकन गणराज्य के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट एयरपोर्ट आए थे। कोविड वैक्सीन के लिए डोमिनिका के पीएम स्केरिट ने पीएम मोदी और भारत के लोगों को शुक्रिया कहा था।

मोदी सरकार की वैक्सीन मैत्री योजना के तहत कई देशों को मुफ्त वैक्सीन सप्लाई की इस योजना से लाभाँन्वित हुआ डोमिनिका अब मेहुल चोकसी को गिरफ्तारी करने के बाद उसके भारत को प्रत्यर्पित करने की कोशिशों में जुटा नजर आ रहा है। भारत की वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम का असर दिखना शुरू हो गया और शायद इसकी शुरुआत मेहुली चोकसी के प्रत्यर्पण से हो सकती है।

संदर्भ : OpIndia

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