राष्ट्रध्वजका अपमान रोकने हेतु ‘हिंदु जनजागृति समिति’ एवं राष्ट्रप्रेमी संगठनोंका अभियान

राष्ट्रध्वजका सन्मान करे

शासकीय अधिकारियोंको ज्ञापन हस्तपत्रक बांटनेके माध्यमसे उद्बोधन विद्यालयोंमें चलाया अभियान उद्बोधक नाटिकाका आयोजन गिरे हुए राष्ट्रध्वज हेतु बक्सोंका आयोजन अभियानकी क्षणिकाए. राष्ट्रध्वजका अपमान रोकें इस अभियानमें विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक एवं राष्ट्राभिमानी नागरिकोंका उत्साही सहभाग !

१५ अगस्तके निमित्त संपूर्ण देशमें प्लास्टिक ध्वज वितरित करना, ध्वजकी पताकाएं बनाकर लगाना, मुखमंडल अथवा वस्त्रोंपर राष्ट्रध्वज रंगवाना इत्यादिद्वारा राष्ट्रध्वजका अपमान किया जाता है । स्वतंत्रता दिवसके दूसरे दिन राष्ट्रके प्रतीक रास्तेभरमें बिखरे दिखाई देते हैं ।  केंद्रशासनकी ओरसे राष्ट्रध्वजका अपमान न हो, इसके स्पष्ट आदेश हैं; परंतु कहीं भी उसका अनुपालन होते हुए दिखाई नहीं देता । राष्ट्रध्वजका सम्मान बनाए रखने हेतु हिंदु जनजागृति समितिद्वारा सनातन संस्था एवं अन्य राष्ट्रप्रेमी संस्थाओंके सहयोगसे राष्ट्रध्वजका अपमान रोकें यह उपक्रम प्रतिवर्ष समान पूरे देशभरमें चलाया गया । प्रस्तुत है उत्तर भारतमें चलाए अभियानकी कुछ झलकियां…

शासकीय अधिकारियोंको ज्ञापन

  • १. वाराणसीमें हिंदु जनजागृति समितिद्वारा ४ अगस्त २०१० को वाराणसीके न्यायदंडाधिकारीके कार्यालय (अपर नगर मैजिस्ट्रेट) चतुर्थ कार्यालयमें १५ अगस्तके निमित्त राष्ट्रध्वजका अपमान रोकने हेतु ज्ञापन दिया गया । समितिके इस ज्ञापनको पढकर न्यायदंडाधिकारी  श्री. सभाजित तिवारीने समितिके कार्यसे सहमति दर्शाइ और जिलाधिकारी कार्यालयमें इस निवेदनपत्रको प्रस्तुत करनेका आश्वासन दिया ।

  • २. जमशेदपुरमें हिंदु जनजागृति समिति एवं अन्य संगठनोंके १७ लोगोंके शिष्टमंडलद्वारा पूर्व सिंहभूम प्रभागके उपायुक्त श्री. विजय कुमारजीको ८ अगस्त २०१० को निवेदन दिया गया ।

  • ३. राष्ट्रध्वजका अपमान रोकने हेतु फरीदाबादके उपायुक्त डॉ. प्रवीण कुमारजीको हिंदु जनजागृति समितिके फरीदाबाद प्रभारी श्री. सुरेश मुंजाल, विश्व हिंदु परिषदके श्री. वैषाखीराम सिंगलाजी तथा हिंदु जनजागृति समितिके अन्य कार्यकर्ताओंने मिलकर ज्ञापन दिया ।

(इसके अतिरिक्त महाराष्ट्रमें कुडाल, मालवण, वेंगुर्ले (सिंधुदूर्ग), गोवामें पणजी आदी स्थानोंपर भी ज्ञापन दिया गया ।) ज्ञापनके माध्यमसे उपायुक्तजीके समक्ष रखी मांगें

  • १. प्लास्टिकके बने ध्वजोंका उत्पाद तथा प्रयोग बंद हो ।

  • २. बच्चे ध्वजका उपयोग खिलोने जैसे न करें ।

  • ३. राष्ट्रध्वजको अपने मुखपर तथा वस्त्रोंपर बनाकर उसका अनादर न करें ।

  • ४. राष्ट्रीय ध्वजका मान रखें ।

हस्तपत्रक बांटनेके माध्यमसे उद्बोधन

  • १. धनबादके रणधीर वर्मा चौक और उपायुक्त आवास एवं राजकीय वाचनालयमें ५०० पत्रक बांटे गए । इसीके साथ २००० से अधिक लोगोंका उद्बोधन किया गया ।

  • २. कतरासमें भी अखंड भारत कार्यक्रमके अंतर्गत  राष्ट्रध्वजकी अवमानना रोकने हेतु पत्रक बांटे गए ।

विद्यालयोंमें चलाया अभियान

  • १.  मथुराके पांच विद्यालयोंमें राष्ट्रध्वजके सम्मान हेतु आवेदनपत्र देकर उद्बोधन किया गया ।

  • २. धनबादके २ विद्यालयोंके १,३०० विद्यार्थी तथा ४० शिक्षकोंका उद्बोधन किया गया ।

  • ३. कतरास (झारखंड)के ‘श्यामडीह सरस्वती शिशु मंदिर’ विद्यालयमें २०० पत्रकोंका वितरण और १४०० विद्यार्थियोंको इस विषयसे अवगत कराया गया ।

  • ४. जमशेदपुरके १२ विद्यालयोंके एवं २ महाविद्यालयोंके ६ सहस्त्रोंसे अधिक विद्यार्थियोंका राष्ट्रध्वजका सम्मान बनाए रखने हेतु उद्बोधन किया गया । जिसमें प्लास्टिक ध्वजका उपयोग न करना, किसी भी प्रकारसे राष्ट्रध्वजका अपमान न हो इसपर ध्यान देना, अन्योंको भी राष्ट्रध्वजका अपमान रोकने हेतु जागृत करना आदि बातें बताई गर्इं ।

  • ५. सनातन संस्थाकी श्रीमती शुभ्रा बैनर्जी एवं श्रीमती शुभ्रा भार्गवजीने जयपुरके छ: विद्यालयोंमें जाकर राष्ट्रध्वजके सम्मान हेतु आवेदनपत्र देकर उद्बोधन किया ।

  • ६. फरीदाबाद जनपदमें सेक्टर क्षेत्रमें आईशर पब्लिक स्कूलकी ८वीं, ९वीं एवं १०वीं कक्षाके विद्यार्थियोंके लिए श्री. सुरेश मुंजालजीने राष्ट्रीय ध्वजका सम्मान तथा उसकी विशेषताओंपर धर्मशिक्षा वर्ग लिया । इस कार्यक्रमका लाभ २०० से अधिक विद्यार्थियोंने लिया ।

  • ७. १४ अगस्त २०१० को फरीदाबाद अग्रवाल हाईस्कूलमें विद्यार्थियों और शिक्षकोंके लिए ‘१५ अगस्तका महत्त्व और राष्ट्रध्वजका सम्मान कैसे करें’ विषयपर विद्यालयमें श्रीमती वंदना सचदेवाजीने मार्गदर्शन किया । इस मार्गदर्शनका लाभ लगभग १२५ विद्यार्थियोंके साथ १२ शिक्षकोंने लिया ।

  • ८. समस्तीपुर (बिहार)में सिटी सेंट्रल स्कूलमें २५० विद्यार्थियों एवं ५० अभिभावक तथा अध्यापकोंके समक्ष राष्ट्रध्वजके अपमानको रोकनेके लिए उद्बोधन किया ।

  • ९. एर्नाकुलम (केरल)में ३ विद्यालयोंमें प्रवचन लिए गए । लगभग २३०० विद्यार्थियोंने इसका लाभ लिया । २५ विद्यालयोंमें पोस्टर्स लगाए गए ।

उद्बोधक नाटिकाका आयोजन

फरीदाबादके सैक्टर ३० में श्रीराम मॉडल स्कूलमें १५ अगस्तके कार्यक्रममें फरीदाबादके बाल-युवा साधकोंने मिलकर ‘२०१२ का स्वतंत्रता दिवस’ नाटिका प्रस्तुत की । इस नाटिकाके माध्यमसे वर्ष २०१२ में भारतका मुगलिस्तान बन सकता है, इस वास्तविकताकी ओर लोगोंका ध्यान आकर्षित कर, उन्हें राष्ट्र और धर्मके लिए कुछ करने हेतु प्रेरित किया गया । उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकोंने नाटिकाकी सराहना की ।

गिरे हुए राष्ट्रध्वज हेतु बक्सोंका आयोजन

  • १. झारखंड राज्यमें इधर-उधर बिखरे पडे ध्वज एकत्रित करने हेतु चौकमें एक बक्सा रखा गया एवं नागरिकोंसे उसमें ध्वज एकत्रित करनेकी विनती की गई ।

  • २. इंदौरमें राजवाडा एवं रीगल चौराहेपर राष्ट्रध्वज एकत्रित करनेके लिए बक्से रखे थे ।

अभियानकी क्षणिकाएं

  • १. ‘‘हिंदु जनजागृति समिति एवं समविचारी संगठनों और संस्थाओंका यह विशेष उपक्रम है । मेरे पास लोग निजी स्वार्थ हेतु अपनी मांगें लेकर आते हैं । राष्ट्रके लिए अपनी मांग लेकर आनेवाले आप जैसे कोई भी नहीं हैं’’, ऐसी प्रतिक्रिया जमशेदपुरमें पूर्व सिंहभूम प्रभागके उप-उपायुक्त श्री. विजय कुमारजीने हिंदुत्ववादियोंके समक्ष व्यक्त की । उप-उपायुक्त श्री. विजय कुमारजीने शीघ्र ही सर्व पुलिस थाने, प्रशासकीय कार्यालयोंको सूचना भेजनेकी कृति की । ज्ञापन देते समय स्थानीय नियतकालिक एवं वाहिनीके प्रतिनिधियोंकी उपस्थिति उल्लेखनीय थी ।

  • २. धनबादके बिरसा मुंडा पब्लिक स्कूलके ८० विद्यार्थियोंको जब पता चला कि प्लास्टिक ध्वजका उपयोग करना अनुचित हैं तब उन्होंने त्वरित अपने हाथमें लिए हुए ध्वज विद्यालयमें जमा किए ।

  • ३. जयपुरके इंडिया इंटरनेशनल स्कूलके सांस्कृतिक उपक्रम तथा अर्थशास्त्रके अध्यापक श्री. रामेश्वरजी एवं रावत सेकंडरी स्कूलके प्रधानाचार्य श्री. मनोज शर्माजीको सनातन संस्थाका यह उपक्रम अच्छा लगा और उन्होंने संस्थाके साधकोंसे विद्यार्थियोंके लिए नैतिक मूल्योंपर मार्गदर्शन करनेकी मांग की ।

  • ४. मथुराके रामकृष्ण मेमोरियल पब्लिक स्कूलकी प्रधानाचार्य श्रीमती सुनिता यादवजीको संस्थाका कार्य अच्छा लगा तथा उन्होंने अपने विद्यालयमें बालसंस्कार वर्ग आरंभ करनेकी मांग की । इसीके साथ वे मासिक सनातन प्रभातकी सदस्य भी बन गर्इं और उन्होंने संस्थाद्वारा प्रकाशित अध्यात्मशास्त्रीय जानकारी देनेवाले कुछ ग्रंथ एवं सात्त्विक उत्पाद भी खरीदे । यही नहीं अपितु  उन्होंने अपने घरपर भी संस्थाका सत्संग आरंभ करनेके लिए कहा ।

  • ५. एक नागरिकने अपने मुखपर राष्ट्रध्वज गोदा है (टैटू बनाया है), यह समितिके सदस्योंके ध्यानमें आनेपर उन्होंने उस व्यक्तिको समझाया; परंतु उसने सुधार करनेकी अपेक्षा समितिके सदस्योंका उपहास किया । तब सदस्योंने त्वरित उपस्थित जनसमुदायको बताया कि भारतके नागरिक ही राष्ट्रध्वजका अपमान किस प्रकार करते हैं और उससे अन्योंको भी वैसा करनेकी उत्प्रेरणा मिलती है ।

  • ६. समितिके सदस्योंद्वारा समझानेपर एक नागरिकने अपने हाथमें राष्ट्रध्वज जैसी बंधी हुई पट्टी तुरंत उतार दी ।

  • ७.  इंदौरमें विगत वर्षोंकी तुलनामें इस वर्ष राष्ट्रध्वजके अपमानमें कमी देखी गई । रीगल चौराहेपर एक भी राष्ट्रध्वज नहीं मिला ।

  • ८. सरस्वती विद्या मंदिर, एर्नाकुलम (केरल)के मुख्याध्यापक श्री. देवन् गोपाल इंटरनेटके माध्यमसे अनेक गुटोंसे संपर्कमें है । उन्होंने उन गुटोंके सहस्त्रों सदस्योंको मेल भेजकर उनका प्रबोधन किया ।

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